उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में अपने कैंप कार्यालय (7-कालिदास मार्ग) में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि एवं राजस्व विवाद, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, पानी, पुलिस प्रशासन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई मामले सामने आए। मौर्य ने प्रत्येक मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी।
अलग-अलग जिलों से मिलने पहुंचे लोग
समस्याएं सुनते डिप्टी सीएम।
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जनसुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों से आए नागरिकों ने अपनी मांगें रखीं। लखीमपुर की रामकली, प्रतापगढ़ के अभिषेक कुमार, हाथरस के सन्तोष कुमार, मेरठ के अरूण कुमार, प्रयागराज की शमला भारतीय और सीतापुर की गीतादेवी ने भूमि विवाद से जुड़े मामले उठाए, जिस पर मौर्य ने संबंधित जिलाधिकारियों को राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम भेजकर तुरंत समाधान करने को कहा। इसके अलावा, अमौसी के मनीष सिंह ने सड़क निर्माण, प्रतापगढ़ की सोनी ने आवास आवंटन, लखनऊ के राजाराम मौर्य ने भूमि सीमांकन, मथुरा के जुगेन्द्र ने पुत्री के मेडिकल और बलिया की केशिया ने विधवा पेंशन दिलाने का अनुरोध किया। इन सभी प्रकरणों पर उप मुख्यमंत्री ने नियम के तहत कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों से फोन पर भी बात की और आश्वस्त किया कि समाज के कमजोर व वंचित वर्गों को समय पर न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।