ग्राम चौपाल को समाधान दिवस की तर्ज पर कराने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम चौपालों को प्रभावी बनाने के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि चौपालों में प्राप्त प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और चौपालों के रोस्टर की प्रति हर हाल में जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने ग्राम चौपाल को समाधान दिवस की तर्ज पर आयोजित करने के निर्देश दिए।
विभाग में लंबित जांचों का भी तत्काल निस्तारण करने को कहा गया। अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और निस्तारण योग्य मामलों को समय से निपटाने के निर्देश दिए गए।
तीन करोड़ परिवारों को समूहों से जोड़ने का लक्ष्य
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने नए स्वयं सहायता समूहों के गठन में तेजी लाने और निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में तीन करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने विकसित भारत-जी राम जी और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े पात्र परिवारों को शत-प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए संतृप्तीकरण अभियान तेज करने को कहा। मिशन के तहत सभी निधि अंतरण केवल ऑनलाइन माध्यम से करने के निर्देश दिए गए, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और लीकेज की संभावना खत्म हो।
हर महीने एक लाख कैडरों की ऑनबोर्डिंग
प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (टीएमएस) की समीक्षा में बताया गया कि अब तक करीब 15 हजार कैडरों की ऑनबोर्डिंग हुई है। उप मुख्यमंत्री ने हर माह कम से कम एक लाख कैडरों की जनपदवार ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुराने सभी कैडरों की ऑनलाइन ऑनबोर्डिंग भी समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा गया।
एसआईआरडी से संबंधित लंबित प्रशिक्षण भुगतानों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने तथा मिशन के अधिकारियों-कर्मचारियों के निकट संबंधियों की मिशन से जुड़ी संस्थाओं में नियुक्ति के लिए स्पष्ट नीति और एसओपी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
पांच लाख दीदियों को 10-10 पशु देने की तैयारी
उप मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पांच लाख दीदियों को चरणबद्ध तरीके से 10-10 पशु उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। पशुपालन विभाग के साथ समन्वय कर पशुओं की खरीद, चयन, आपूर्ति, वित्तपोषण, बीमा, टीकाकरण, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं की स्पष्ट व्यवस्था तय करने के निर्देश दिए।
बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित चारा और पशु आहार खरीदने की समुचित व्यवस्था करने तथा महिलाओं को कंपनी से जोड़ने और उनके उत्पादों के विपणन पर भी जोर दिया गया।
18 मंडलों में लगेंगे बड़े सरस मेले
वित्तीय वर्ष 2026-27 में एनआरएलएम मद में व्यय की प्रगति बढ़ाने के साथ जनपदवार समीक्षा के निर्देश दिए गए। वहीं सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2026 में प्रदेश के 18 मंडलों में वृहद सरस मेले आयोजित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया।
खाद्य प्रसंस्करण विभाग के साथ समन्वय के लिए मुख्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने, ताकि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पीएमएफएमई, सोलर सब्सिडी सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिल सके, के निर्देश भी दिए गए। समूह की महिलाओं को आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड से जोड़ने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अरुण कुमार, यूपीआरआरडीए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिव सहाय अवस्थी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।