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UP: शिक्षणेतर कर्मियों और मदरसा शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की मांग, डिप्टी सीएम केशव बोले- विचार करेंगे

Mon, 03 Aug 2026 09:23 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। शिक्षकों के प्रति सरकार ने बहुत काम किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों सहित सभी को कैशलैस चिकित्सा सुविधा दी गई। यदि कोई छूट गया होगा तो सीएम से इस विषय पर बात करेंगे। 
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य। - फोटो : amar ujala
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यूपी विधान परिषद में राज बहादुर सिंह चंदेल ने कर्मचारियों और रिटायर शिक्षकों को भी निशुल्क कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने की मांग की। शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मदरसा शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। इस पर नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। शिक्षकों के प्रति सरकार ने बहुत काम किया है।

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उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों सहित सभी को कैशलैस चिकित्सा सुविधा दी गई। यदि कोई छूट गया होगा तो सीएम से इस विषय पर बात करेंगे। हमारा लक्ष्य है- सबका साथ और सपा का लक्ष्य है- खुद का विकास, परिवार का विकास।

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शून्य काल में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने विवेकाधीन कोष से गरीबों के इलाज का मुद्दा उठाते हुए अस्पतालों की लापरवाही और भेदभाव का मुद्दा उठाया। नेता सदन ने कहा कि सूचीबद्ध अस्पतालों में 100 फीसदी इलाज हो रहा है। विपक्ष के भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जब आप सत्ता में थे तब भेदभाव होता था। जास्मीन अंसारी ने कहा कि अस्पताल गरीबों को वापस भेज देते हैं। इस पर नेता सदन ने आश्वस्त किया कि ऐसे मामले दीजिए उनकी जांच कराई जाएगी।

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