खाली डिब्बे वापस भेजने के बाद मोबाइल की इनवॉइस सहित उसे टांडा और जलालपुर के मोबाइल के दुकानदारों को कम दामों में बेचकर उनसे रुपये ले लेता था। इन रुपयों को उसने अपने ऐशो आराम के लिए खर्च किए।
ऐसे खुला पूरा मामला: एक के बाद एक 40 मोबाइल के खाली डिब्बे कंपनी में पहुंचे तो हड़कंप मच गया। मामले की जांच शुरू हुई तो पता चला कि इल्तिफातगंज स्थित तिवारीपुर हब से भेजे गए हैं। इसके बाद वाराणसी के राखी टावर चोलापुर कंपनी के पूर्वांचल हेड आशीष सिंह ने रविवार को हब इंचार्ज के खिलाफ नामजद तहरीर दी। सीओ शुभम कुमार ने मामले की जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से उन पांच आईडी की कुंडली खंगाली गई, जिनके माध्यम से इन 40 मोबाइल की ऑनलाइन खरीदारी की गई थी। इन सभी मोबाइल नंबरों पर बात करने के बाद सभी नंबर सचिन विश्वकर्मा के करीबियों के निकले। मामले में शनिवार रात केस दर्ज किया गया था।
आरोपी गिरफ्तार, 19 मोबाइल बरामद
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में सीओ टांडा शुभम कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान आरोपी सचिन विश्वकर्मा को शाही मस्जिद इल्तिफातगंज के पास से एसआई बृजेश कुमार सिंह व उनकी टीम ने सोमवार सुबह करीब पांच बजे गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से कुल 19 नए एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान उसने कंपनी के साथ की गई ठगी की बात स्वीकार की है।