सिटी मांटेसरी स्कूल में विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है। सीएम योगी ने सुबह सम्मेलन का उद्घाटन किया। शाम को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा, कई देश खुलेआम इंटरनेशनल कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो कई देश अपने कानून बनाकर दुनिया पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। न्याय और शांति अब सिर्फ आदर्श नहीं रहे। बल्कि दुनिया के बने रहने की नींव बन गए हैं।
इसलिए, यह समय यूनाइटेड नेशंस की बुराई करने का नहीं, बल्कि उसे मजबूत करने का है। हमारा मानना है कि यूएन में सुधार करके दुनिया को एक बेहतर जगह बनाया जा सकता है। यूएन में रिप्रेजेंटेशन बैलेंस्ड होना चाहिए। फैसले बिना किसी भेदभाव के होने चाहिए और पावर-शेयरिंग सच्ची होनी चाहिए।
तभी यह संस्था एक बार फिर अपना असली मकसद पूरा कर सकती है। आज, जब हमारे सामने एक टूटी-फूटी दुनिया है, जहां कई झगड़े साथ-साथ हो रहे हैं, तो यह और भी साफ हो जाता है कि दुनिया को भारत के सिविलाइजेशनल नजरिए से बहुत कुछ सीखना है।
वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे की संप्रभुता हड़पने की होड़
सीएम योगी ने कहा, शिक्षा में इस बात का ध्यान रखना होगा कि बच्चे बस्ते के बोझ से बोझिल न हों। दुनिया में जहां अशांति और अराजकता है। जहां वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे की संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर शिक्षा, विकास, स्वास्थ्य की बात अपने आप में एक बेमानी सी दिखती है। इसके लेकर हम सभी को यह सोचना चाहिए कि किस स्तर तक की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है। हम भी उसमें सहभागी बन सकते हैं।