यूपी में फिल्मों की शूटिंग को लेकर अवाम का जो रवैया है, वह दिल की गहराइयों को छू जाता है। लोग शूटिंग में हरसंभव मदद मुहैया कराने के लिए बढ़-चढ़कर आगे आते हैं। वहीं, फिल्म बंधु के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से सूबे में शूटिंग करने पर खासी रियायत दी जाती है।
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इन्हीं कारणों से बड़ी संख्या में निर्देशकों ने फिल्मों की शूटिंग के लिए यूपी का रुख किया। सूबे में करीब 80 फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है और 250 फिल्मों के प्रपोजल पाइपलाइन में है। वहीं 26 फिल्में टैक्स फ्री की जा चुकी हैं।
नतीजतन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय व नेशनल फिल्म डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएफडीसी) की ओर से उत्तर प्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट होने का अवार्ड मिला है। फिल्म बंधु से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि गत फरवरी में अवार्ड के लिए आवेदन किया था।
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ज्यूरी को यूपी में फिल्मों की शूटिंग व उपलब्धियां पसंद आईं और अवार्ड यूपी की झोली में आया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में फिल्म बंधु के सक्रिय होने के बाद फिल्मों की शूटिंग की बाढ़ सी आ गई थी।
छोटी फिल्मों के निर्देशकों से लेकर बड़े व नामचीन निर्देशकों ने यूपी में ऐसी फिल्में शूट कीं, जिन्होंने देश-दुनिया में सुर्खियां बटोरीं। साथ ही यूपी कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवलों में अपनी पहुंच बना सका है।
डेढ़ इश्किया सहित कई फिल्मो की शूटिंग से चमका यूपी
डेमो
- फोटो : demo pic
दो करोड़ तक की मिलती है मदद
फिल्म बंधु के तहत यूपी में फिल्म की 75 प्रतिशत शूटिंग करने पर दो करोड़ रुपये, यूपी के पांच आर्टिस्ट लेने पर 25 लाख रुपये अतिरिक्त तथा सारे कलाकार यूपी के होने पर 50 लाख रुपये दिए जाते हैं। फिल्म निर्देशकों को दो करोड़ रुपये तक की मदद मिलती है।
‘बुलेट राजा’ से ‘जॉली एलएलबी’ तक का सफर तय
फिल्मों की शूटिंग में यूपी ने बुलेट राजा से लेकर जॉली एलएलबी तक का सफर तय किया है। दावत ए इश्क, डेढ़ इश्किया, तेवर, रांझणा, ओमकारा, दबंग, बाबर और तनु वेड्स मनु जैसी दर्जनों फिल्मों की शूटिंग से यूपी चमका है।
लखनऊ, बनारस, आगरा डायरेक्टरों की पसंद
नवाबों की नगरी लखनऊ हो या फिर घाटों का शहर बनारस या फिर ताजनगरी आगरा, फिल्म निर्देशकों को ये शहर शूटिंग के लिए रास आए। निर्देशक अनुराग कश्यप, आनंद एल राय, सुधीर मिश्र इस बात को कई बार स्वीकार कर चुके हैं।
यूपी के कलाकारों ने बढ़ाया रुझान
यूपी में फिल्मों की शूटिंग हुई तो इनमें सूबे के कलाकारों की भूमिकाएं भी काफी अहम रहीं। दिवंगत कलाकार जुगल किशोर और अभिनेता अनिल रस्तोगी से लेकर महेश चंद्र देवा, राकेश व तमाम रंगकर्मियों ने फिल्मों में काम कर नाम कमाया।
नवाजुद्दीन सिद्दीक और अनिल रस्तोगी
- फोटो : demo pic
‘इस अवार्ड के लिए यूपी के सभी कलाकारों को शुभकामनाएं। शूटिंग का जो माहौल उत्तर प्रदेश में है, उसकी जितनी भी तारीफ की जाए, कम है’। - नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अभिनेता, मुजफ्फरनगर
‘यूपी को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिलना तय था। दअरसल, फिल्म बंधु केजरिए पूर्ववर्ती सपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को फिल्मों की शूटिंग के लिए सुविधाजनक बनाया।’ -अनिल रस्तोगी, अभिनेता, लखनऊ
‘डायरेक्टर को सेफ्टी व सिक्योरिटी के साथ ऐसा माहौल चाहिए जहां आसानी से फिल्मों की शूटिंग हो सके। यूपी इस लिहाज से बेहतर है। यहां के लोग और सरकार, दोनों का बहुत सपोर्ट मिलता है।’ -तिग्मांशु धूलिया, निर्देशक, इलाहाबाद
‘यूपी को यह अवार्ड मिला, इसमें फिल्म बंधु का रोल बहुत ही अहम है। फिल्म बंधु के तहत यहां शूट होने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिन फिल्मों की शूटिंग होनी है, उन्हें भी बेहतर माहौल व सुविधाएं देने के लिए सरकार तत्पर है।’ -नवनीत सहगल, चेयरमैन, फिल्म बंधु