महंगाई भत्ते का भुगतान एक अप्रैल 2025 से नियमित वेतन के साथ नगद किया जाएगा। एक जनवरी से 31 मार्च के बीच की देय धनराशि अधिकारियों व कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। इस राशि पर आयकर व सरचार्ज की कटौती की जाएगी। ये धनराशि भविष्यनिधि खाते में एक अप्रैल 2026 तक जमा रहेगी। इसे इस तारीख से पहले नहीं निकाला जा सकेगा। जो कार्मिक भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं हैं, उनके पब्लिक प्राविडेंट फंड (पीपीएफ) या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) में इस धनराशि को जमा कराया जाएगा।
राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से आच्छादित अधिकारियों व कर्मचारियों को एक जनवरी से 31 मार्च तक देय महंगाई भत्ते की राशि का 10 प्रतिशत उनके टियर -1 पेंशन खाते में जमा किया जाएगा। राज्य सरकार या नियोक्ता द्वारा इस धनराशि के 14 प्रतिशत के बराबर अंशदान टियर-1 पेंशन खाते में जमा किया जाएगा। बची हुई 90 प्रतिशत धनराशि सम्बन्धित कार्मिक के पब्लिक प्राविडेन्ट फंड या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में जमा कराई जाएगी।