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लखनऊ: मामूली बात पर हो गईं तीन हत्याएं, पार्किंग के झगड़े के साथ एक छोटी सी बात बनी कांड की वजह

Mon, 26 Oct 2026 09:10 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Lucknow triple murder: पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक बरगद के पेड़ के पास खाली पड़ी जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर सुबह 10:30 बजे दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। 
 
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लखनऊ हत्याकांड की सामने आई वजह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में पार्किंग के विवाद में सोमवार को शिवाजी तिवारी (60), उनके भाई शंभू तिवारी (55) और बेटे सुयश तिवारी (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पड़ोस में रहने वाले 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला ने परिवार के लोगों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी और उसकी तीन बहनों को गिरफ्तार कर ऋषभ के पास से अवैध पिस्टल और चार खोखे बरामद किए। दोनों पक्षों में बरगद के पेड़ का चबूतरा बनाने को लेकर भी लंबे समय से विवाद है।

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पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक बरगद के पेड़ के पास खाली पड़ी जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर सुबह 10:30 बजे दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इसी दौरान पड़ोसी दिनेश शुक्ला के बेटे ऋषभ ने अवैध पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से शिवाजी, शंभू और सुयश गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस तीनों को केजीएमयू लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शंभू की पत्नी रुचि तिवारी की तहरीर पर आरोपी ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश शुक्ला, चाचा राजेश शुक्ला, गिरीश शुक्ला और बहन प्रीति, अदिति व दिव्या के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

पार्षद अनूप कमल सक्सेना ने बताया कि नौबस्ता में पीड़ित परिवार के लोग बरगद के पुराने पेड़ के चबूतरे का निर्माण करवा रहे थे। ऋषभ के परिवार वाले इसका विरोध कर रहे थे। इस पर एक माह पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस से शिकायत के बाद काम रुक गया। ऋषभ ने चबूतरे के सामने दुकान के शटर पर नो पार्किंग के साथ पांच हजार रुपये जुर्माने की बात भी लिख रखी थी।
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टिप्पणी करने पर बढ़ा विवाद

स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह शिवाजी घर के सामने स्थित मंदिर में जल चढ़ाकर लौट रहे थे। इसी दौरान ऋषभ उन्हें चिढ़ाते हुए मोबाइल से वीडियो बनाने लगा। उसने टिप्पणी करते हुए कहा कि बनवा लिया चबूतरा... यह सुनकर शिवाजी नाराज हो गए और उन्होंने भाई शंभू को आवाज लगाई और मोबाइल फोन लेकर आने के लिए कहा। शिवाजी भी ऋषभ का वीडियो बनाना चाह रहे थे। शंभू के पहुंचने पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। इस बीच ऋषभ के पिता, चाचा और बहनें भी पहुंच गईं। शोर सुनकर कमरे में सो रहे सुयश बाहर आ गए। फिर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान ऋषभ घर से असलहा ले आया और शिवाजी, शंभू और सुयश को गोली मार दी। गोली लगने के बाद भी सुयश ने भागकर खुद को बचाने की कोशिश की। वह कार के पीछे जाकर छिप गए, लेकिन ऋषभ ने पीछा किया और उन्हें दोबारा गोली मार दी। उधर, शिवाजी और शंभू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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गोलीबारी में बाल-बाल बचे स्थानीय निवासी

वारदात के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बीचबचाव का प्रयास किया, लेकिन ऋषभ ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था। गोलीबारी में स्थानीय निवासी जितेंद्र कश्यप बाल-बाल बचे। उन्होंने बताया कि ऋषभ ने उन पर भी दो गोली चलाई थी। कार के पीछे छिपकर उन्होंने खुद को बचाया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सआदतगंज थाने के सिपाही कार्तिक ने ऋषभ को दबोचा।
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