हेल्पलाइन के जरिये जुड़ते थे अमेरिकी नागरिक
प्रारंभिक जांच में पता चला कि सेंटर में काम करने वाले लोग अमेरिका के नागरिकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर बातचीत करते थे। जब किसी अमेरिकी नागरिक को कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्या आती थी तो वह हेल्पलाइन के जरिये संपर्क करता था। इसी दौरान लखनऊ के सेंटर में बैठे कर्मचारी कॉल अटेंड करते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी समस्या ठीक करने का झांसा देकर लोगों से उनके कंप्यूटर, निजी दस्तावेज और वित्तीय जानकारी से जुड़ी डिटेल हासिल करते थे। इसके बाद इसी जानकारी के आधार पर साइबर फ्रॉड और वित्तीय अपराध किए जाने का आरोप है।
पुलिस अब हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ कर रही है। सेंटर के संचालन, ठगी की रकम, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और विदेश में बैठे सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस सेंटर से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।