मांग में थोड़ी कमी और 1600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम हो जाने के बावजूद प्रदेश में बिजली संकट बना हुआ है। गांव से लेकर शहरों तक बिजली की कटौती जारी है। हालांकि बीते एक हफ्ते से हो रही अधाधुंध कटौती के मुकाबले रविवार को थोड़ी राहत रही। गावों, कस्बों, तहसीलों और बुंदेलखंड को डेढ़ से दो घंटे ज्यादा बिजली दी गई, लेकिन तय शेड्यूल के अनुसार अभी भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। प्रदेश के बिजली घरों के उत्पादन में भी अभी सुधार नहीं हुआ है।
पॉवर कारपोरेशन के आला अधिकारी पूरे दिन बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मशक्कत में जुटे रहे। इस बीच केंद्रीय ऊर्जा सचिव ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग कर प्रदेश की बिजली आपूर्ति की जानकारी ली और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पश्चिमी यूपी में आंधी तूफान से मांग में थोड़ी कमी के बावजूद प्रदेश में बिजली की मांग 21000 मेगावाट के आसपास बनी हुई है। रविवार को दोपहर अधिकतम मांग 20800 मेगावाट थी जबकि उपलब्धता 18831 मेगावाट थी। मांग के मुकाबले पर्याप्त उपलब्धता न होने की वजह से आपात कटौती का सिलसिला जारी है। इससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
पिछले कई दिनों से अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करने की कोशिश में जुटे पॉवर कार्पोरेशन को रविवार को कुछ सफलता मिली। रात 12 बजे तक से सुबह 5 बजे तक 1686 मेगा वाट अतिरिक्त बिजली मिलनी शुरू हो गई है। प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के जरिए 838 मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है। इसके अलावा 131 मेगावाट जल विद्युत तथा मध्यप्रदेश व राजस्थान से 717 मेगावाट बिजली बैंकिंग से मिलने लगी है। पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों का कहना है की इससे बिजली की उपलब्धता में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। गांवों, कस्बों, तहसीलों व बुंदेलखंड की आपूर्ति में एक से डेढ़ घंटे तक आपूर्ति में सुधार हुआ है। वैसे अभी मांग और उपलब्धता में 2000 से 2500 मेगावाट का अंतर बना हुआ है।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) की रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों को औसतन 11:52 घंटेए नगर पंचायतों को 16:53 घंटे तहसील मुख्यालयों को 16:29 घंटे तथा बुंदेलखंड को 16:03 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। शहरी क्षेत्रों और उद्योगों को 24 घंटे आपूर्ति का दावा किया जा रहा है लेकिन राजधानी समेत शहरों में अघोषित कटौती जारी है। ताप बिजलीघरों को रोजाना जरूरत भर कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने रविवार की छुट्टी के बावजूद सुबह शक्ति भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश की बिजली आपूर्ति की समीक्षा की।
बैठक में राज्य विद्युत उत्पादन निगम के एमडीए एसएलडीसी के निदेशक, नियोजनए पीपीए तथा इकाइयों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बिजली आपूर्ति, उत्पादन, उपभोक्ता सेवा समेत अन्य कार्यकलापों की मॉनिटरिंग की गई। देवराज ने पोस्को के चेयरमैन से पावर एक्सचेंज की समस्याओं पर बात की। इसके अलावा उन्होंने बीसीसीएल के एमडी से भी बात करके बिजलीघरों को गुणवत्तायुक्त कोयला उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। देवराज ने केंद्र से प्रदेश को और ज्यादा अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
देवराज ने सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि ट्रांसफार्मरों के सुरक्षात्मक अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। पूर्व में इस संबंध में दिए गए निर्देशों का अनुपालन में होने पर उन्होंने खासी नाराजगी जताई है। इस बीच, केंद्रीय ऊर्जा सचिव आलोक कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ऊर्जा विभाग और पावर कारपोरेशन के अधिकारियों से बातचीत कर प्रदेश की बिजली व्यवस्था की समीक्षा की। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कोल इंडिया, रेलवे, एनटीपीसी तथा अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल थे। आलोक कुमार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था सामान्य करने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
देवराज ने कहा कि बिजली आपूर्ति सामान्य रखने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। बिजलीघरों की जो इकाइयां तकनीकी या किसी अन्य कारण से बंद है उन्हें चालू कराने का प्रयास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बिजली आपूर्ति पर लगातार निगाह रखी जा रही है। सभी बिजली कंपनियों में 24 घंटे कंट्रोल रूम चल रहे हैं।