एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों को तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों में नोडल अधिकारी भी नामित होंगे। ये अधिकारी जिले से लैब तक सैंपल पहुंचाने और रिपोर्ट हासिल करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। विभाग का मानना है कि इससे जीनोम सीक्वेंसिंग में अगर कहीं नया वैरिएंट मिलता है तो तत्काल उसे नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
अस्पतालों को तैयारी के निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. लिली सिंह ने बताया कि सभी सीएमओ व सीएमएस को निर्देश दिए गए हैं कि पिछली बार जो कोविड अस्पातल बनाए गए, उसे इस बार भी आरक्षित रखा जाएगा। अभी मरीजों का उपचार चलता रहे, लेकिन जैसे ही कोविड मरीज बढ़ते हैं तो संबंधित अस्पताल को कोविड अस्पताल में तब्दील कर दिया जाए। मैन पावर, दवाओं एवं अन्य संसाधनों को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।