कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमौसी एयरपोर्ट प्रशासन ने कमर कस ली है। कोविड जांच से लेकर रैंडम सैम्पलिंग करने, मास्क की चेकिंग, सेनेटाइजर आदि की तैयारियां हैं। लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन डीजीसीए की अनुमति के इंतजार में है। आदेश आते ही तत्काल कोविड प्रोटोकॉल लागू कर दिए जाएंगे।
दरअसल, राजधानी लखनऊ में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। चूंकि कोविड का प्रकोप जब शुरू हुआ था तो एयरपोर्ट से आने वाले पैसेंजरों के जरिए भी संक्रमण फैला था, जिसके बाद होम आइसोलेशन शुरू किया गया और बाद में तमाम प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए थे। इसमें मास्क अनिवार्य कर दिया गया। सेनेटाइजर जरूरी था। यात्रियों की रैंडम कोविड सैम्पलिंग भी की जाती रही और आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य थी। पर,कोविड खत्म होने पर प्रोटोकॉल भी बंद हो गए।
अब जब मामले बढ़ रहे हैं तो एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से तैयारियां कर ली गई हैं। डीजीसीए से मिलने वाली गाइडलाइन के मुताबिक कार्य किया जाएगा। एयरपोर्ट अफसरों की मानें तो प्रोटोकॉल लागू करने का निर्णय डीजीसीए, सरकार, जिला प्रशासन को लेना है, ऐसे में हमारी तैयारियां पूरी हैं। आदेश आते ही प्रोटोकॉल लागू कर दिए जाएंगे। हालांकि, कोविड की स्थिति को लेकर डीजीसीए को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
यात्री बरत रहे एहतियात
अमौसी एयरपोर्ट से घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय विमानों से आने-जाने वाले पैसेंजर अपने स्तर पर एहतियात बरत रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सेनेटाइजर आदि प्रोटोकॉल खुद फॉलो कर रहे हैं। खासतौर से विदेशों से आने वाली उड़ानों के पैसेंजर शनिवार को एयरपोर्ट पर एहतियात बरतते नजर आए।
रेलवे स्टेशनों पर भी होगी जांच
कोविड के दौरान चारबाग, लखनऊ जंक्शन सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर कोविड जांच के लिए हेल्पडेस्क बनाए गए थे, जिन्हें दोबारा बनाने की तैयारी है। पर, रेलवे प्रशासन सरकार से मिलने वाले आदेश के इंतजार में है, जिसके बाद यहां भी प्रोटोकॉल लागू कर दिया जाएगा।
सात इलाकों में संक्रमण की दर सबसे अधिक
लखनऊ में कोरोना संक्रमण की दर सात इलाकों में सबसे अधिक है। यहां पर सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी चितिंत है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है जिन इलाकों से सर्वाधिक मामले मिले हैं। वहां पर लोग कोविड प्रोटोकाल का उल्घंन कर रहे हैं। बाजार-शॉपिंग माल व होटल में उनकी आवाजाही अधिक है। भीड़ भाड़ में जाने की वजह से लोग अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिन इलाकों में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। वहां पर आरआरटी टीम बढ़ाए जाने के लिए पत्र डीएम को भेजा गया है।
कोविड का प्रकोप फरवरी माह से इक्का दुक्का मामले सामने आ रहे थे। होली दौरान लोग एक दूसरे से मिले। कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ी। इससे संक्रमण का प्रसार बढ़ गया। मार्च माह के तीसरे हफ्ते से कोविड मामले बढ़ना शुरू हुए। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कोविड के सबसे अधिक मामले चिनहट इलाके से आ रहे हैं। जबकि दूसरे नंबर अलींगज, तीसरे पायदान पर आलमबाग व इंदिरानगर, सरोजनीनगर सिल्वर जुबली व एनके रोड सीएचसी के अधीन अधिक मामले मिले हैं।
कोविड की पहली-दूसरी लहर में इन इलाकों से सर्वाधिक मामले मिले थे। सीएमओ डॉ. मनोज के मुताबिक, अभी तक जिले में 49 आरआरटी टीम का संचालन हो रहा है। जिन इलाकों में सबसे अधिक मामले मिले रहे हैं। वहां पर आरआरटी टीम बढ़ाने के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है। वहां से मुहर लगने बाद मैनपॉवर लेकर टीमें बढ़ाई जाएंगी ताकि अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके।
पॉश कॉलोनी में अधिक संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है पॉश कॉलोनी के रहने वाले लोग अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। इसमें चिनहट सीएचसी के अंतर्गत आने वाला इलाका गोमतीनगर, हजरतगंज, आलमबाग, अलीगंज हैं। अफसरों का कहना है यहां पर रहने वाले लोग शॉपिंग मॉल, होटल व रेस्त्रां में जाते हैं। मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। सेनेटाइजेशन के अभी तक कोई खास इंतजाम नहीं है। ऐसे में संक्रमित लोगों के संपर्क में आकर पॉजिटिव आ रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. निशांत निर्वाण के मुताबिक, लोग मास्क जरूर लगाए।
ग्रामीण इलाकों में संक्रमण की दर बेहद कम
शहरी इलाके के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक संक्रमण की दर बेहद कम है। मोहनलालगंज, माल, मलिहाबाद, गोसाईगंज समेत अन्य इलाके में इक्का दुक्का लोग पॉजिटिव हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उनका रिकार्ड खंगाला तो पता चला कि वह शहरी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। बीकेटी, गोसाईगंज, गुडंबा, माल, मलिहाबाद मोहनलागंज में फरवरी से अप्रैल तक बेहद कम मामले मिले हैं।