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यूपी: इस तरह का फर्जीवाड़ा करके बने थे सिपाही, हुआ भांडा फोड़, नौकरी से होंगे बर्खास्त, हुई एफआईआर

Sun, 27 Aug 2023 11:36 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

यूपी की सिपाही सीधी भर्ती 2013 व 2015 का एक एक मामला उजागर। गोपनीय शिकायत पर हुई थी जांच। लगाए थे गलत दस्तावेज। दोनों सिपाही किए जाएंगे बर्खास्त।
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सिपाही भर्ती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिपाही सीधी परीक्षा में उम्र छिपा चयनित होकर नौकरी करने वाले दो सिपाहियों पर हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। गोपनीय शिकायतों पर जांच हुई तो ये पूरा फर्जीवाड़ा खुला। दोनों मामले मेरठ जिले से संबंधित हैं। जिन जिलों में सिपाहियों की तैनाती थीं वहां पर भी भर्ती बोर्ड की तरफ से रिपोर्ट भेज दी गई है। दोनों सिपाही बर्खास्त किए जाएंगे।
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पुलिस भर्ती बोर्ड के अनुसचिव चतुर्थ एएसपी आलोक कुमार जायसवाल ने दोनों केस दर्ज कराए। पहली एफआईआर के मुताबिक मेरठ के गंगानगर निवासी लक्ष्मीकांत 2013 सिपाही भर्ती में चयनित हुआ था। 18 मार्च 2023 को विभाग में बुलंदशहर निवासी मोहनलाल ने शिकायत की कि लक्ष्मीकांत ने अपनी असल उम्र छिपाई। इसके लिए उसने दो बार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा पास की। 

जांच में सामने आया कि लक्ष्मीकांत की असल जन्म तिथि 30 जून 1984 है। उसने वर्ष 2000 में हाईस्कूल व 2002 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। जबकि भर्ती के दौरान उसने जो शक्षणिक दस्तावेज लगाए थे उसमें उसकी जन्मतिथि 10 जून 1995 दर्ज है। जिसमें हाईस्कूल वर्ष 2011 व इंटरमीडिएट 2013 में पास करने संबंधी दस्तावेज हैं। 
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इसी तरह से फलावदा सरधना मेरठा निवासी सोनू सैनी की असली जन्मतिथि 25 मार्च 1985 है। उसने 2001 में हाईस्कूल व 2003 में इंटर किया था। पर, भर्ती के लिए उसने दोबारा वर्ष 2012 में हाईस्कूल व 2014 में इंटर किया। उसके बाद 2015 सिपाही सीधी भर्ती परीक्षा में शामिल होकर चयनित हो गया। इसकी शिकायत मेरठ निवासी राहुल कुमार ने की थी। विभागीय जांच में दोनों शिकायतें सही पाई गईं। पुख्ता साक्ष्य जुटाए। उसके बाद एसएसपी आलोक कुमार जायसवाल ने दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कराया।
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