पीड़ित परिजनों से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय।
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में पुलिस हिरासत में मारे गए युवक अमन गौतम के परिजनों से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजे, सरकारी नौकरी और मामले की निष्पक्ष जांच करवाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज किया जाए।
वहीं, सपा सांसद आरके चौधरी और अनुराग भदौरिया ने भी परिजनों से मुलाकात की और उन्हें मदद की राशि के तौर पर दो लाख रुपये का चेक दिया।
ये भी पढ़ें - बहराइच सांप्रदायिक हिंसा: परिजनों का अंतिम संस्कार करने से इंकार, ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुआ टकराव
ये भी पढ़ें - बहराइच सांप्रदायिक हिंसा: मुख्य आरोपी सलमान समेत कई अज्ञात लोगों पर एफआईआर, 25 लोग हिरासत में, जिले में तनाव
मौत पर जाम-प्रदर्शन, चार पुलिसवालों पर गैर इरादतन हत्या का केस
पुलिस हिरासत में अमन गौतम (24) की मौत के मामले में शनिवार शाम शुरू हुआ जाम-प्रदर्शन देर रात तक चला। समझाने पर भी परिजन व इलाकाई लोग नहीं माने तो देर रात पुलिस ने लाठियां भांजकर सभी को भगाया।
घटना से गुस्साए परिजनों ने मोर्चरी से शव ले जाने से ही मना कर दिया। आनन-फानन पुलिस ने पीआरवी के चार पुलिसवालों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। आश्वासन दिया कि सख्त कार्रवाई करेंगे। मांगें शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा भी दिया। तब जाकर परिजन रविवार शाम करीब पांच बजे शव पोस्टमार्टम के लिए लेकर गए।
विकासनगर सेक्टर-8 में शुक्रवार रात जुआ होने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। पार्क के पास मौजूद अमन गौतम व उनके दोस्त सोनू को उठा ले आई थी। जीप में बैठाने के चंद मिनट बाद ही अमन की हालत बिगड़ गई। बेजान हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
अफसर समझाने का प्रयास करते रहे, पर लोग मानने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे थे। इस पर रात करीब दो बजे पुलिस ने लाठियां चला दीं तो सभी भाग गए। रविवार सुबह पुलिस अमन के घर पहुंची और शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही, लेकिन परिजन अपनी बात पर अड़े रहे। इस बीच पुलिस ने पीआरवी पर तैनात सिपाही शैलेंद्र और अन्य तीन अज्ञात पुलिसवालों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज इसकी जानकारी दी। कई घंटे चली मान-मनौव्वल के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए।