यूपी में छात्राओं को मिलनी थी स्कूटी।
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प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति छात्राओं को आकर्षित करने, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में बेटियों को स्कूटी देने की घोषणा की थी। इसके लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की घोषणा की गई थी। किंतु एक साल में यह योजना रफ्तार नहीं पकड़ सकी है।
यह स्थिति तब है, जब सरकार 11 फरवरी को अगले वित्तीय वर्ष का बजट प्रस्तुत करने का जा रही है। पिछले साल 20 फरवरी को प्रस्तुत बजट में सरकार ने घोषणा की थी लड़कियों को उच्च शिक्षा की पढ़ाई के प्रति प्रेरित व आकर्षित करने के लिए स्कूटी दी जाएगी। यह स्कूटी छात्राओं को उनकी पहले साल में प्राप्त नंबर की मेरिट के आधार पर एक वित्तीय वर्ष में लगभग 50 हजार छात्राओं दी जानी थी।
ताकि छात्राएं आसानी से बिना किसी दिक्कत के अपने विश्वविद्यालय या कॉलेज पहुंच सकें। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए एक वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ बजट खर्च करने की बात कही थी। इस घोषणा के बाद से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राएं काफी उत्साहित थीं। एक तरफ प्रदेश सरकार नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत करने जा रही है और दूसरी तरफ उच्च शिक्षा विभाग अभी तक इस योजना पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं कर सका है।
विभाग की तरफ से अभी तक योजना की नियमावली भी एप्रूव नहीं कराई जा सकी है, न ही इसके लिए कोई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इससे इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लगभग एक साल बाद भी किसी छात्रा को नहीं मिल सका है। खास यह कि इस योजना को लेकर अभी विभागीय अधिकारी खुद भी बहुत स्पष्ट नहीं हैं कि उन्हें आगे इस मामले में क्या करना है।