मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस-2023 बैच) में चयनित प्रशिक्षु अफसरों से मुलाकात की। सीएम ने सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर योगी ने कहा कि किसी भी समस्या को बड़ी न बनने दें, बल्कि संवाद के जरिये उसका तत्काल रास्ता निकालें। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे बड़ी ताकत है। फील्ड में जब भी जाएं तो आमजन से संवाद स्थापित करें। संवाद न होने से लोगों में असंतोष होता है। उनसे अच्छा व्यवहार करें और कार्यों में शुचिता बरकरार रखें। इससे आपकी (अफसरों की) एक अलग छवि बनेगी।
सीएम ने प्रशिक्षण के दौरान फील्ड में किए गए कार्यों के बारे में भी अफसरों से जानकारी ली। उन्हें नए प्रयोग करने के लिए भी प्रेरित किया। योगी ने कहा कि आम आदमी की किसी भी समस्या को छोटी न समझें, क्योंकि पीड़ित के लिए वह समस्या काफी मायने रखती है। समस्या का समाधान हो जाता है तो वह अधिकारी आमजन का विश्वास हासिल कर लेता है। प्रशिक्षु अधिकारी जनप्रतिनिधियों से भी संवाद रखें।
ठीक से सुनवाई न होने पर हमारी पास आती हैं शिकायतें
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आईजीआरएस-सीएम हेल्पलाइन की शिकायत सीधे हमारे पास इसलिए आती है, क्योंकि सुनवाई स्थानीय स्तर पर ठीक से नहीं होती। इसलिए मेरिट के आधार पर समयसीमा के भीतर समस्याओं का निस्तारण भी करें। प्रतिदिन एक घंटा जनता की सुनें।
घर के बजाय दफ्तर में लोगों से मिलें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशिक्षु अफसरों से कहा कि सीखने और पढ़ने की आदत निरंतर रखें। शासन से कोई शासनादेश गया है तो उसे स्वयं पढ़ें और रिजल्ट में बदलें। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अच्छा मॉडल दें। गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करें। मॉडल विलेज बनाने की तरफ सोचें। नगर निकायों, तहसीलों, थाने और ब्लॉक को स्वावलंबी बनाएं। गलत तत्वों से हर हाल में दूरी बनाएं। घर की बजाय लोगों को दफ्तर में बुलाएं और वहीं संवाद बनाएं।
ये 16 प्रशिक्षु अफसर रहे मौजूद
अनुभव सिंह, दीपक सिंहवाल, गुंजिता अग्रवाल, ईशिता किशोर, काव्या सी, महेंद्र सिंह, चलुआ राजू, नारायणी भाटिया, नितिन सिंह, रिंकू सिंह राही, साहिल कुमार, साईं आश्रित शाखामूरी, शिशिर कुमार सिंह, स्मृति मिश्रा, स्वाति शर्मा और वैशाली।