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Ayodhya: सीएम योगी ने शिव मंदिर पर किया ध्वजारोहण, बोले- हमें देखते ही लोगों के मुख से निकलता है 'जय श्री राम'

Wed, 29 Apr 2026 05:03 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

सीएम योगी आदित्यनाथ बुधवार को राममंदिर पहुंचे। यहां परकोटे में बने शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। यह शिव मंदिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में यज्ञशाला के सामने स्थित है, जिसमें 5 फीट का शिवलिंग विराजमान है।
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राम मंदिर परिसर में धर्म ध्वज लहराया - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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श्रीराम मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास के बीच शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वज फहराया। इससे पूर्व उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। 

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वैदिक आचार्यों की उपस्थिति में पूरा कार्यक्रम पारंपरिक विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। परिसर के अन्य उपमंदिरों में भी ध्वज आरोहण की प्रक्रिया जारी है। माता भगवती मंदिर पर साध्वी रितम्भरा ध्वज आरोहित करेंगी, जबकि शेषावतार मंदिर पर केशव प्रसाद मौर्य ध्वज फहराएंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिन्दू परिषद के प्रतिनिधियों सहित अनेक संत-महंत शामिल हुए।



निर्धारित समय शाम 4:45 बजे उनका कार्यक्रम तय था। लेकिन, अचानक बदले मौसम ने व्यवस्था प्रभावित कर दी। तेज हवा, रिमझिम बारिश और घने बादलों के कारण उनका हेलीकॉप्टर राम कथा पार्क में उतर नहीं सका और उसे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या में उतारना पड़ा।
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इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5:17 बजे श्री राम मंदिर, अयोध्या परिसर पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शिव मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में करीब 1000 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। जिसमें विश्व हिंदू परिषद, संघ व भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हैं।

 

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आरती करते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

हम लोग आज भी इसके पाप को महसूस करते हैं

इसके बाद राममंदिर परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने जब इस आंदोलन को अपने हाथ में लिया तो आंदोलन और बढ़ता गया। इस आंदोलन में जाति की दीवार टूटी है। हम लोग आज भी इसके पाप को महसूस करते हैं। देश के किसी भी कोने में जाते हैं। हमें जैसे ही लोग देखते हैं, तो उनके मुख से निकलता है जय श्री राम।



श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन भारत के इतिहास के अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। दुनिया में ऐसा आयोजन कहीं नहीं हुआ होगा। अपने प्रभु के लिए भारत ही नहीं दुनिया के अंदर जहां सनातन रहा, वहां किसी जाति, धर्म, संप्रदाय, वनवासी हो या राजमहल में रहने वाला व्यक्ति हर एक के मन में एक ही बात रहती थी कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बने।

आज से ठीक 298 साल पहले वह काली रात आई थी, जब राम के मंदिर को अपवित्र करके विवादित ढांचा खड़ा कर दिया गया था। लेकिन, बिना किसी डर के राम जन्मभूमि के बारे में सोचा न हो, ऐसा कोई दिन नहीं हुआ।
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