हम लोग आज भी इसके पाप को महसूस करते हैं
इसके बाद राममंदिर परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने जब इस आंदोलन को अपने हाथ में लिया तो आंदोलन और बढ़ता गया। इस आंदोलन में जाति की दीवार टूटी है। हम लोग आज भी इसके पाप को महसूस करते हैं। देश के किसी भी कोने में जाते हैं। हमें जैसे ही लोग देखते हैं, तो उनके मुख से निकलता है जय श्री राम।
श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन भारत के इतिहास के अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। दुनिया में ऐसा आयोजन कहीं नहीं हुआ होगा। अपने प्रभु के लिए भारत ही नहीं दुनिया के अंदर जहां सनातन रहा, वहां किसी जाति, धर्म, संप्रदाय, वनवासी हो या राजमहल में रहने वाला व्यक्ति हर एक के मन में एक ही बात रहती थी कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बने।
आज से ठीक 298 साल पहले वह काली रात आई थी, जब राम के मंदिर को अपवित्र करके विवादित ढांचा खड़ा कर दिया गया था। लेकिन, बिना किसी डर के राम जन्मभूमि के बारे में सोचा न हो, ऐसा कोई दिन नहीं हुआ।