राष्ट्रीय सुरक्षा पर बदला भारत का दृष्टिकोण
सीएम ने कहा कि पहले सीमा पार से होने वाले हमलों और आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया सीमित रहती थी। यूपीए शासनकाल में दुश्मन देश भारतीय सैनिकों के सिर काटकर ले गया था, लेकिन सरकार मौन रही। संसद में इस विषय को उठाने पर संबंध खराब होने की दलील दी जाती थी।
अब भारत अपनी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करता। निर्णायक जवाब देता है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों से सुरक्षा मजबूत होने के साथ सैनिकों का मनोबल भी बढ़ा है।
मैंने गोरखपुर का सांसद रहते हुए नक्सलवाद की चुनौती को निकट से देखा था। छत्तीसगढ़ में चुनाव के दौरान बस्तर व कोंडागांव जैसे क्षेत्रों में भारी सुरक्षा के बीच जनसभाएं करनी पड़ी थी। अब इस क्षेत्र का स्वरूप बदल चुका है। वहां होटल बन रहे हैं, उद्योग स्थापित हो रहे हैं। पीएम की प्रभावी रणनीति से देश नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है।
आस्था व सांस्कृतिक विरासत का सम्मान
सीएम ने कहा कि पहली बार देश की आस्था व सांस्कृतिक विरासत को वह सम्मान मिला, जिसकी लंबे समय से अपेक्षा थी। 500 वर्षों के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
मोदी पहले प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने राम मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा मंदिर पर सनातन ध्वज आरोहण किया। अयोध्या में रामलला की प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारपुरी के पुनरुद्धार जैसे कार्य देश की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।
वैश्विक संकट में संभाली अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा कि युद्ध आदि से पनपी वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों को ऊर्जा संकट से बचाए रखा। जब अमेरिका सहित अनेक देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई और महंगाई ने आम लोगों को प्रभावित किया, तब भी भारत ने ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। महंगाई को भी नियंत्रित रखा।