मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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1- ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात चौकीदारों को पुलिस बीट व्यवस्था से जोड़ा जाए। इससे गांवों की सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी। अपराध नियंत्रण पाने में आसानी होगी।
2- बीट पुलिस के सिपाही व दरोगा गांव स्तर पर लगातार जनसंपर्क करें और लोगों से संवाद करते रहें। जमीन स्तर की जानकारी मिलेगी जो कानून-व्यवस्था सुधारे में मदद करेगी।
3- मिशन शक्ति केवल पुलिस प्रयास तक ही सीमित नहीं है। ये सभी विभागों के समन्वय से संभव है। महिला सुरक्षा प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा।
4- महिलाओं की सुरक्षा दो स्तरों पर सुनिश्चित करना जरूरी है। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा। परिवार और समाज में ऐसा वातावरण बने, जहां महिलाएं बिना भय के अपनी पीड़िा साझा करें। वहीं सार्वजनिक स्थलों पर एंटी रोमियो स्क्वॉड व महिला बीट सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
5- संरचना सुधार के तहत करीब 50,000 पुलिसकर्मियों को थानों में तैनात करने की जरूरत है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मॉडल के आधुनिक थाने, पार्किंग, बैरक, पब्लिक-सर्विस स्पेस जैसी सुविधाओं के साथ विकसित करने की आवश्यकता है।
6- चेन स्नेचिंग, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध जनता में असुरक्षा और नकारात्मक धारणा पैदा करते हैं। इस पर प्रभावी कार्रवाई हो और जो भी अफसर जिम्मेदार हों उनकी जिम्मेदारी तय की जाए।
7- ग्राम पंचायत में नियुक्त बीसी सखी और बैंकों के बैंकिंग सदस्य के साथ समन्वय बनाकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में डिजिटल लेन-देन सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चलाएं। जिससे साइबर अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।
8- पुलिस लाइन को केवल प्रशासनिक इकाई तक सीमित न रखें। उसे जन-जागरूकता व सामाजिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करें। पुलिस म्यूजियम, ट्रैफिक पार्क/स्तंभ की स्थापना कर स्कूली बच्चों को पुलिस कार्यप्रणाली और यातायात नियमों से रूबरू कराएं।
9- दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों में बेहद संवेदनशीलता व गहन जांच के साथ कार्रवाई की जाए। जिससे निर्दोष परिवारों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
10- जेल में बंद माफिया व संगठित अपराधियों पर कड़ी निगरानी करें। उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही कराएं।