मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक में प्रदेश में संचालित प्रमुख आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सेवा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की विशेष टीम गठित कर पात्र परिवारों का अंत्योदय कार्ड बनवाया जाए और उन्हें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास सहित सभी पात्र योजनाओं से चरणबद्ध रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का समग्र लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 88.45 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 72.71 प्रतिशत, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 63 प्रतिशत तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 59.35 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
लखनऊ में विकसित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि परियोजना की आधारभूत संरचना तेजी से विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी बनाए रखते हुए इसे प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्नाव की एक्वा ब्रिज परियोजना तथा कानपुर के बिनगवां स्थित 40 एमएलडी तृतीयक उपचार संयंत्र से पनकी ताप विद्युत संयंत्र को जलापूर्ति उपलब्ध कराने वाली परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने लंबित तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर दोनों परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना के विकास के साथ जनसुरक्षा से जुड़े मानकों का कठोर अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला चिकित्सालयों तथा होटलों में वैध फायर एनओसी की समीक्षा करते हुए जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल कार्रवाई कर अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मैनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से ऐसे सभी स्थलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विद्युत फीडरों का विस्तृत विश्लेषण कर बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, हानि-लाभ तथा ओवरलोड की स्थिति के आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी दक्षता, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता सुविधा को समान प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास की गति बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णयों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।