मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि समाज से कहा कि सफाई, संविदा कर्मचारी को अब आउटसोर्सिंग कंपनी नहीं, बल्कि सरकार का कॉरपोरेशन सीधे अकाउंट में पैसा देगा। पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा भी देंगे। यह व्यवस्था करेंगे कि किसी सफाई कर्मचारी के साथ दुर्घटना हुई या वह आपदा की चपेट में आया तो बैंक से बात करके 35-40 लाख रुपये दिए जाएं। होमगार्ड की तरह सफाई कर्मचारियों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। सीएम मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि जो लोग श्रीराम को गाली देते हैं, वे भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं। वर्ष 2012 में जब सपा सरकार आई थी तो सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी दी थी। तब भाजपा ने कहा था कि इनको तोड़ने वालों को जनता तोड़कर रख देगी। आज ये प्रत्येक प्रेसवार्ता में बाबा साहेब का स्मरण करते हैं, लेकिन तब मुख्यमंत्री ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहेब का नाम बदल दिया था। हमने फिर उसे बाबा साहेब के नाम पर रख दिया।
लखनऊ का भाषा विश्वविद्यालय कांशीराम के नाम पर था, उसे भी बदल दिया। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया। इनके दोहरे चेहरे हैं। यह हर कार्य को वोट बैंक की दृष्टि से देखते हैं। अयोध्या में एयरपोर्ट का निर्माण नहीं किया। पीएम मोदी ने अयोध्या एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि के नाम पर किया, तब भी सपा ने विरोध किया। सपा के गुंडे लालापुर के आश्रम पर कब्जा कर रहे थे। हमने कहा कि नाम नोट करो, इनके बाप-दादाओं ने जो प्रॉपर्टी जमा की है, उसे आश्रम के नाम पर करवा दो। सपा के समय में सफाई कर्मियों का शोषण होता था।
इन्हें चार हजार रुपये भी नहीं मिल पाता था। अब सफाई कर्मचारियों में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देते हुए अच्छे मानदेय की व्यवस्था हुई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, अनूप प्रधान 'वाल्मीकि', पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, एमएलसी लालजी प्रसाद निर्मल, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।