एफएसडीए ने तीन फर्मों पर मारा छापा
- दो फर्मों से कफ सिरप के नमूने लेकर जांच को भेजे गए, जांच में दवा
अद्योमानक मिली तो होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मंगलवार को दूसरे दिन भी कफ
सिरप बनाने वाली तीन फर्मों पर छापा मारा। जांच दौरान वहां पर प्रतिबंधित
कफ सिरप जांच में नहीं मिला। टीम ने दो फर्मों से कफ सिरप की जांच के नमूने एकत्र किए।
लखनऊ में मेसर्स श्रेसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से
राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत हो गई है। सहायक आयुक्त
ब्रजेश कुमार के निर्देश पर ड्रग इस्पेक्टर संदेश मौर्या व विवेक ने दूसरे
दिन भी कई फर्मों पर छापा मारा। सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि
मंगलवार को कफ सिरप व दूसरी दवाओं का निर्माण करने वाली तीन फर्मों पर छापा
मारा गया। इसमें सरोजनीनगर स्थित मेसर्स स्टैडमेड प्राइवेट लिमिटेड,
कृष्णानगर की मेसर्स न्यूरोकेम लेबोरट्रीस और एशेबाग की आरपिक प्राइवेट
लिमिटेड है। सहायक आयुक्त ने बताया कि जांच के दौरान मेसर्स न्यूरोकेम
लेबोरट्रीस के अधिकारियों ने बताया कि वे अब कफ सिरप का निर्माण व भंडारण
नहीं करते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या ने बताया कि मेसर्स स्टैडमेड
प्राइवेट लिमिटेड व आरपिक प्राइवेट लिमिटेड से दो कफ सिरप के नमूने जांच के
लिए एकत्र किए गए हैं। नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जांच में नमूने अद्योमानक मिले तो संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई होगी।