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यूपी: सीएम योगी बोले- हार की हताश से परेशान है विपक्ष, अखिलेश ने कहा, महाकुंभ में श्रद्धालुओं का हुआ अपमान

Wed, 19 Feb 2025 07:24 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Assembly proceedings: विधानसभा सत्र के पहले दिन सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक दूसरे पर तीखे हमले किए। 
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अखिलेश और योगी आए आमने-सामने। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हार की हताशा से परेशान विपक्ष अपनी खुन्नस को सदन पर नहीं उतारेगा, बल्कि सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने में सकारात्मक योगदान देगा। सीएम मंगलवार को बजट सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि अभिभाषण व बजट महत्वपूर्ण मुद्दे होते हैं जिसमें विपक्ष ही नहीं, बल्कि सदन का हर सदस्य अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकता है। विपक्ष जिस मुद्दे पर चर्चा करना चाहेगा, सरकार उसका तथ्यात्मक जवाब देगी। आरोप-प्रत्यारोप या फिर असंसदीय आचरण से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। सीएम ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि राज्यपाल के अभिभाषण से सुदृढ़ व मर्यादित आचरण की शुरुआत हम लोग विपक्ष के अंदर देखने का प्रयास करेंगे। 

विपक्ष समेत सभी सदस्यगण सदन में ऐसा आचरण दिखाएंगे जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आमजन की आस्था और सुदृढ़ होगी। कहा, 20 फरवरी को वर्ष 2025-26 का प्रदेश का सामान्य बजट सदन में प्रस्तुत होगा। सदन 18 फरवरी से 5 मार्च तक प्रस्तावित है। बहुत कम मौके रहे हैं जब इतने लंबे समय तक सदन चला है। सदन सुचारू रूप से चले यह सिर्फ सत्ता पक्ष का नहीं, बल्कि विपक्ष का भी महत्वपूर्ण दायित्व है।
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उन्होंने कहा कि हताश-निराश विपक्ष मुद्दों पर चर्चा और सदन की कार्यवाही से भागने का प्रयास करता है। विपक्ष अगर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाने में मदद करेगा तो यह बजट सत्र बहुत अच्छा हो सकता है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, धर्मपाल सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह भी उनके साथ थे।

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राज्यपाल का अभिभाषण सच्चाई से कोसों दूर : अखिलेश

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
 सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य विधानमंडल में राज्यपाल के अभिभाषण को सच्चाई से कोसों दूर बताया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण निराशाजनक है। इसमें जनसामान्य की आकांक्षाओं की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है।

अखिलेश ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि महाकुंभ में घोर अव्यवस्था को दिव्य-भव्य व्यवस्था का नाम देकर उन तमाम श्रद्धालुओं और उनके परिजनों का अपमान किया गया है जिनकी जानें सरकारी कुव्यवस्था ने ले ली है। सरकार की विफलता से जो घायल हुए, वे इलाज के लिए तड़प रहे हैं। सरकार ने महाकुंभ में आने वालों की करोड़ों की संख्या तो बता दी, पर अब तक मृतकों की संख्या व पता नहीं बताया है। आज भी महाकुंभ में तमाम लोग अपनों को खोज रहे हैं। यह सरकारी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

व्यापारी और उद्यमी पलायन कर रहे
सपा अध्यक्ष ने कहा कि अभिभाषण में किसानों और नौजवानों के लिए कुछ भी नहीं है। पढ़े-लिखे नौजवान नौकरी के लिए भटक रहे हैं। निवेश के नाम पर सिर्फ आंकड़ेबाजी है। नए उद्योग नहीं लग रहे हैं, पुराने उद्योग बंद होते जा रहे हैं। व्यापारी और उद्यमी पलायन कर रहे हैं। गन्ना का मूल्य तो बढ़ाया नहीं गया। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भी छिपाया जा रहा है। किसानों की फसल को एमएसपी दरों में खरीद पर चुप्पी साध ली गई है। बिजली महंगी है। भाजपा सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। भाजपा की डबल इंजन सरकार के भ्रष्टाचार ने प्रदेश को बहुत पीछे कर दिया है।
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