सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य विधानमंडल में राज्यपाल के अभिभाषण को सच्चाई से कोसों दूर बताया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण निराशाजनक है। इसमें जनसामान्य की आकांक्षाओं की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है।
अखिलेश ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि महाकुंभ में घोर अव्यवस्था को दिव्य-भव्य व्यवस्था का नाम देकर उन तमाम श्रद्धालुओं और उनके परिजनों का अपमान किया गया है जिनकी जानें सरकारी कुव्यवस्था ने ले ली है। सरकार की विफलता से जो घायल हुए, वे इलाज के लिए तड़प रहे हैं। सरकार ने महाकुंभ में आने वालों की करोड़ों की संख्या तो बता दी, पर अब तक मृतकों की संख्या व पता नहीं बताया है। आज भी महाकुंभ में तमाम लोग अपनों को खोज रहे हैं। यह सरकारी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
व्यापारी और उद्यमी पलायन कर रहे
सपा अध्यक्ष ने कहा कि अभिभाषण में किसानों और नौजवानों के लिए कुछ भी नहीं है। पढ़े-लिखे नौजवान नौकरी के लिए भटक रहे हैं। निवेश के नाम पर सिर्फ आंकड़ेबाजी है। नए उद्योग नहीं लग रहे हैं, पुराने उद्योग बंद होते जा रहे हैं। व्यापारी और उद्यमी पलायन कर रहे हैं। गन्ना का मूल्य तो बढ़ाया नहीं गया। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भी छिपाया जा रहा है। किसानों की फसल को एमएसपी दरों में खरीद पर चुप्पी साध ली गई है। बिजली महंगी है। भाजपा सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। भाजपा की डबल इंजन सरकार के भ्रष्टाचार ने प्रदेश को बहुत पीछे कर दिया है।