मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त नौकाओं की व्यवस्था के साथ ही प्रदेश व जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम, हर गांव में बाढ़ चौकी व राहत कार्यों के तहत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों को ब्रेकफास्ट, दोपहर व रात का भोजन, शुद्ध पेयजल, पशुओं के चारे की व्यवस्था की गई है। जो लोग घरों में सुरक्षित रह सकते हैं, उन्हें सूखा राहत किट भी उपलब्ध कराई गई है। किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, दो किलो दाल, एक किलो तेल, नमक, मसाले, डिग्निटी किट, बरसाती आदि देने की कार्रवाई की जा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि जनहानि होने पर परिवार को आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये, किसी परिवार का मकान बहने या नदी में विलीन होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना से आच्छादित करने की कार्रवाई भी की जा रही है। पशुधन की हानि पर मुआवजा दिया जा रहा है। जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर भी स्थापित किए गए हैं। इस सीजन में एंटी रैबीज वैक्सीन, सांप के काटने पर एंटी स्नेक वेनम की भी व्यवस्था सीएचसी, जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। सांप, बिच्छू, कुत्ते या जंगली जानवरों के काटने के कारण किसी भी आपदा में बचा सकें। बाढ़ राहत बचाव के लिए युद्ध स्तर पर टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक जिला प्रशासन को युद्ध स्तर पर कार्य को बढा़ने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम ने कहा कि सरकार की संवेदना हर बाढ़ पीड़ित के साथ है। सरकार हर सहयोग करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। उसके सर्वेक्षण के भी आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आते ही तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम ने नागरिकों से अपील की कि अभी अगस्त का प्रथम सप्ताह है, इसलिए अलर्ट मोड पर रहना होगा, क्योंकि बाढ़ की आशंका सितंबर तक बनी रहती है। सीएम ने आश्वस्त किया कि सरकार व प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता के लिए मजबूती से कार्य करेगी।