बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।
गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, मैनपुरी व आसपास के इलाकों में।
राजधानी में मानसून के बादलों ने अगस्त में बारिश का छह साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है। सोमवार को लखनऊ में 91 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके पहले वर्ष 2018 में 3 अगस्त को 114.3 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई थी। 2018 के बाद अगस्त में किसी भी वर्ष एक दिन में बारिश का आंकड़ा 91 मिमी के पास तक भी नहीं गया।
लगातार धीमी गति की बारिश से तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है। 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 5.7 डिग्री लुढ़क चुका है। न्यूनतम तापमान में भी 2.7 डिग्री की गिरावट आई। इसी का असर था कि सोमवार को भोर में लोगों को एसी-कूलर के साथ पंखे भी बंद करने पड़े।
रविवार से बादल ज्यादा सक्रिय हैं। सोमवार शाम तक कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही। इसका असर जनजीवन पर भी पड़ा। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र अमाैसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक राजधानी क्षेत्र में बादलों की सक्रियता मंगलवार को भी बने रहने की उम्मीद है।
प्रयागराज में बाढ़ का कहर जारी।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश में भी गंगा समेत सभी प्रमुख नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है। प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। वाराणसी में मणिकर्णिका समेत लगभग सभी घाट डूब गए हैं। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और अन्य एजेंसियों की टीम प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और खराब हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग में 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों ने बताया कि दार्जिलिंग, कलिम्पोंग,जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा हो सकती है। 7 अगस्त तक दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में भी बारिश होने की संभावना है। इस बीच, आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में भारी बारिश के बीच बिजली गिरने से खेत में काम कर रही एक महिला की मौत हो गई।
राजस्थान के पूर्वोत्तर हिस्से में अगले दो से तीन दिन भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि इसी अवधि के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। सोमवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश बयाना (भरतपुर) में 51.0 मिमी दर्ज की गई।