शारदीय नवरात्र, दशहरा और छठ महापर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात, सफाई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर मांस-मदिरा की दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी। प्रमुख देवी मंदिरों में 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक विशेष सतर्कता बरती जाए। विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, मां शाकुंभरी देवी और नैमिषारण्य स्थित मां ललिता देवी मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित हों। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और लापरवाही न बरतें।
विसर्जन स्थलों पर तैनात होंगे गोताखोर
शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर बिजली के तार दुरुस्त कराने, जर्जर खंभों व ट्रांसफार्मरों की जांच और क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों व गड्ढों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। पर्याप्त रोशनी, सफाई और अतिक्रमण हटाने के साथ विसर्जन स्थलों पर गोताखोर व जल पुलिस की तैनाती होगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी गश्त
मुख्यमंत्री ने शांति समितियों की बैठकें कराने तथा धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद बनाए रखने को कहा। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने, दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा, डीजे के निर्धारित मानकों के पालन, प्रतिमाओं की सुरक्षित ऊंचाई और रावण दहन स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। भीड़ के मद्देनजर यातायात डायवर्जन, पार्किंग और अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की जाएगी।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
महिला शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, थानों में मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन और एंटी रोमियो स्क्वॉड की चेकिंग तेज करने को कहा गया। स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
48 घंटे में भेजनी होगी नुकसान की रिपोर्ट
बारिश से हुए नुकसान और राहत वितरण की रिपोर्ट 48 घंटे में राहत आयुक्त कार्यालय भेजनी होगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा। किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी रोकने और सड़क कटिंग की समस्याएं 31 अक्तूबर तक दूर करने के निर्देश दिए गए। जनशिकायतों पर अधिकतम 24 घंटे में संतोषजनक जवाब देना होगा, जबकि निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण 15 दिन में करना होगा। प्रत्येक तहसील में लंबित मामलों की सूची सार्वजनिक होगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।