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सीएम से करा दिया अधूरी एंबुलेंस का उद्घाटन, फिर पहुंची गैराज

Sat, 15 Apr 2017 02:49 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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एंबुलेंस
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने अधूरी एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस का उद्घाटन करा दिया। गोरखपुर समेत 6 जिलों को भेजी गईं ये एंबुलेंस उद्घाटन के बाद सीधे गैराज पहुंच गईं।
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इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में कंपनी ने किस कदर मनमानी की है, जबकि दो साल से यह सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही थी। इसके बावजूद कंपनी इनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम तक नहीं फिट करवा सकी।

राज्य सरकार ने गुरुवार को ही 75 जिलों के लिए 150 एएलएस एंबुलेंस सेवा लॉन्च की है। लांचिंग के 24 घंटे बाद ही कई एंबुलेंस मेंटेनेंस और उपकरण लगाने के लिए गैराज पहुंच गई हैं। कंपनी के अधिकारियों की मनमानी का आलम ये रहा कि सीएम के जिले गोरखपुर तक में अधूरी एंबुलेंस भेज दी।
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गोरखपुर के लिए आवंटित एंबुलेंस में सामान डिब्बे में पैक थे। इसी तरह जालौन, अंबेडकरनगर, अमेठी, मेरठ, चित्रकूट और हरदोई की एंबुलेंस पूरी तरह खाली थी। कुछ में दिखावे के लिए एक दो उपकरण लगाए गए थे।

ऐसी ही कई गाड़ियां शुक्रवार को चिनहट स्थित जुगल किशोर मोटर्स व अन्य स्थानों में अपडेट होती रहीं। इसमें स्वास्थ्य विभाग और कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत का आलम ये रहा कि सीएम से एंबुलेंस के नाम पर सिर्फ गाड़ी का शुभारंभ करा दिया।

सूत्रों की मानें तो अफसरों को  जानकारी थी, लेकिन गड़बड़ी को छिपाने के लिए अधूरी गाड़ियों को सबसे पीछे खड़ा कराया गया। कई एंबुलेंस में लकड़ी के ड्रॉवर तक नहीं लगे हैं। 
 

कंपनी के ख‌िलाफ चल रहा है केस

एंबुलेंस - फोटो : amar ujala
ये उपकरण नहीं लगे थे
एएलएस एंबुलेंस में कंपनी को वेंटिलेटर, डिफैबिलेटर, सक्शन मशीन, स्ट्रेचर, एडवांस मेडिकेशन सिस्टम, एडवांस कॉर्डियक और पीडियाट्रिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम, ईसीजी और कॉर्डियक मॉनीटर समेत ऑक्सीजन सिस्टम लगाना था, लेकिन कंपनी तय समय तक जरूरी उपकरणों को फिट नहीं करवा सकी। इसका नतीजा ये है कि ये एंबुलेंस गैराज में खड़ी हैं।

फर्जीवाड़ा करने में कंपनी सबसे आगे
108 व 102 एम्बुलेंस सेवा का संचालन करने वाली जीवीके ईएमआरआई कंपनी फर्जीवाड़ा करने में आगे रही है। कंपनी पर पैसा बचाने के लिए एंबुलेंस के मेंटेनेंस से लेकर हर तरह के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के आरोप लगते रहे हैं। मरीजों का फर्जी रिकॉर्ड कागज में अपडेट कर सरकार से बिल वसूलना उसकी आदत में शुमार है।  बता दें ऐसे ही मामले में कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट में केस भी चल रहा है।

लखनऊ को भी नहीं मिली एंबुलेंस
जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने गुरुवार को एएलएस एंबुलेंस सेवा लॉन्च तो करा दी, लेकिन आलम ये है कि 24 घंटे बाद भी लखनऊ को दो एंबुलेंस नहीं मिल पाईं। सीएमओ डॉ. जीएस वाजपेई ने बताया कि कंपनी ने एएलएस एंबुलेंस को शनिवार को हैंडओवर करने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस अधूरी थी इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जवाब-तलब किया जाएगा।
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कंपनी से होगी पूछताछ

एंबुलेस को अपडेट करता कर्मचारी - फोटो : amar ujala
कंपनी के भरोसे ये सेवाएं
- 102 सेवा की 2270 और 108 सेवा की 1488 एंबुलेंस का संचालन
- 150 लाइफ सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस का भी जिम्मा
- 102 सेवा पर हर माह 400 करोड़ का खर्च

‘एएलएस एंबुलेंस की लॉन्चिंग सभी तैयारियों के ही बाद की गई थी। शुभारंभ के बाद गुरुवार शाम को जिलों को जाते समय कुछ गाड़ियों में तकनीकी खामी आ गई थी। इससे इन्हें रास्ते से वापस बुला लिया गया था। शुक्रवार देर रात तक सभी गाड़ियां जिलों में संचालन के लिए भेज दी गई हैं।’ - जितेंद्र वालिया, सीओओ, जीवीके ईएमआरआई

‘एएलएस एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई गई थी वो पूरी तरह अपडेट थी। सीएमओ लखनऊ को इसके लिए निर्देशित किया गया था। जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने अधूरी एंबुलेंस को शुभारंभ कार्यक्रम में लगाया तो इस संबंध में कंपनी से पूछताछ की जाएगी।’ - डॉ. पदमाकर सिंह, डीजी हेल्थ उप्र

‘कंपनी ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें 10 गाड़ियों में कुछ तकनीकी खराबी की जानकारी दी गई थी। जहां ये गाड़ियां बनवाई जा रही हैं वहां अधिकारी भेज कर वीडियो रिपोर्ट मंगाई गई है। पूरे मामले की जांच होगी और कंपनी से जवाब-तलब किया जाएगा।’ - आलोक कुमार (निदेशक ), एनएचएम

‘ज्यादातर गाड़ियां कंप्लीट हैं। कुछ गाड़ियों में कमियां है। इसकी जांच कराई जा रही है। शनिवार सुबह तक सभी गाड़ियां अपने जिले में पहुंच जाएंगी। जब तक यह सुविधा मरीजों को पूरी तरह नहीं मिल जाएगी, तब तक कंपनी को भुगतान नहीं दिया जाएगा।’ - अरुण कुमार सिन्हा (अपर मुख्य सचिव), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
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