मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से पहले ही 3.54 लाख रसोइया बहनों को चार बड़े उपहार दिए। उन्होंने कहा कि रसोइया माताओं-बहनों को अब 2 के बजाय 3 हजार मानदेय मिलेगा, घटना-दुर्घटना होने पर रसोइयों व परिवार को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से दो लाख रुपये की सहायता और प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक मुफ्त कैशलेस सुविधा मिलेगी। इसके अलावा परिधान के लिए मिलने वाली राशि भी दोगुनी यानी, 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है।
सपा ने नकल से प्रदेश की अकल को नीलाम किया था
सीएम ने कहा कि एक समय सपा ने नकल को जन्मसिद्ध अधिकार बना दिया था। कल्याण सिंह जी ने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश को पहचान दी थी, लेकिन सपा ने एक झटके में नकल से प्रदेश की अकल को नीलाम कर दिया था। सपा सरकार ने रसोइयों, आंगनबाड़ी व आशा वर्करों, चौकीदारों, महिलाओं या गरीबों, किसी की नहीं सुनी, क्योंकि सुनने के लिए समय, सामर्थ्य, संसाधन चाहिए। डबल इंजन सरकार ने ये सभी जुटाए तो आज सारी सुविधाएं मिल रही हैं।
रसोई रहे साफ-सुथरी, बच्चों को दें पौष्टिक आहार
सीएम ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के 1.42 लाख विद्यालयों में डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों को अलग-अलग दिन अलग-अलग प्रकार का आहार देना है। विद्यालय में रसोई साफ-सुथरी रहे, बच्चों को समय पर स्वच्छता के साथ साप्ताहिक मेन्यू के अनुरूप पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं। इससे आपका सम्मान बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने रसोइयों को सचेत करते हुए कहा कि इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फूड प्वॉइजनिंग भी नहीं होनी चाहिए। दुश्मन ऐसा काम न कर पाए, जिससे आप संदेह के घेरे में आएं। छिपकली व कीड़ा खाने में न गिरे, यह जीवन के साथ खिलवाड़ होगा। रसोई बनाते समय किचन में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं होना चाहिए। पीएम पोषण मिशन के अंतर्गत छह दिन के मेन्यू में मिलेट्स, स्थानीय व्यंजन, मौसमी फल भी शामिल हैं।