प्रदेश में कोरोना वायरस के नए वैरियंट डेल्टा को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अब संसाधनों को लगातार बढाया जा रहा है। इसके तहत अगले माह तक 11 नई आरटीपीसीआर लैब तैयार हो जाएगीं। अभी 34 लैब हैं। अगले तीन से चार माह के बीच अन्य 30 जिलों में भी आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की तैयारी है।
प्रदेश में आरटीपीसीआर लैब की संख्या बढ़ने से लोगों को आसानी से जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। सभी जिलों में लैब होने से कोविड की जांच कराने वालों को जहां कम समय में रिपोर्ट मिल सकेगी वहीं सैंपल भेजने की समस्या खत्म हो जाएगी। टीम 9 की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी लैब को अत्याधुनिक सुविधाओंसे सुसज्जित करने, मैन पॉवर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के गहन अध्ययन एवं परीक्षण के लिए प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा को लगातार बढ़ाया जा रहा है। केजीएमयू, बीएचयू और सीडीआरआई, आईजीआईबी दिल्ली के सहयोग से जीनोम परीक्षण कराया जा रहा है। अध्ययन की यह रिपोर्ट डेल्टा वैरिएंट से बचाव के लिए प्रबंधन में सहायक होगी।
विशेषज्ञों से परामर्श से करें प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 11 राज्यों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट डेल्टा़ से संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। पड़ोसी राज्यों में भी इसके मरीज मिले हैं। ऐसे में हर स्तर पर सचेत रहने की जरूरत है। यहां विशेष सतर्कता बरतनी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है। इसलिए विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने संसाधनों को लगातार बढ़ाने का निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ंने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के संबंध में विभिन्न राज्यों से भी फीडबैक का अध्ययन किया जाए।
5900 पीआईसीयू बेड तैयार
समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 5900 से अधिक पीआईसीयू बेड तैयार किए गए हैँ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआईसीयू और एनआईसीयू निर्माण कार्य, उसमें संसाधन की उपलब्धता और मरीजों के भर्ती होने पर दी जाने वाली दवाओं का इंतजाम अतिशीघ्र किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में भी पीआईसीयू व एनआईसीयू स्थापना की कार्यवाही जारी है। सभी ज़िलों में इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जानी चाहिए।