स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है।
हर भारतीय श्रद्धा से लेता है शास्त्री जी का नाम
सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम आते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। वह अपनी सादगी, सज्जनता के लिए सदैव प्रसिद्ध रहेंगे। वह जितने संवेदनशील थे, उनका व्यक्तित्व उतना ही संघर्षशील भी था। उन्होंने जो कहा, वह करके दिखाया। जो किया, उतना ही बोला।
‘जय जवान-जय किसान’ का नारा बना स्वाधीन भारत का मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ध्येय था कि भारत खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में लक्ष्य प्राप्त करे और देश की सीमाओं पर लड़ रहे जवानों के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव पैदा हो। शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना।
भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध किसान
सीएम योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ा रहे थे तो दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने पसीने, परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा था। उसी का परिणाम है कि आज भारत ने खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। भारत अब 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ ही अनेक देशों में खाद्यान्न आपूर्ति का सामर्थ्य रखता है। शास्त्री जी ने 1965 में जो मंत्र दिया था, उसे भारत की आंतरिक/वाह्य सुरक्षा प्रदान करने वाले जवान व देशवासी आज भी आत्मसात करते हैं।