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यूपी: आकाश आनंद ने तोड़ी चुप्पी, बोले- कभी दूसरे दल में नहीं जाएंगे, बसपा मेरा परिवार, मायावती राजनीतिक गुरु

Fri, 02 Oct 2026 12:35 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

बसपा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने दूसरे दल में जाने की खबरों को खारिज किया। उन्होंने बसपा को अपना परिवार और मायावती को राजनीतिक गुरु बताया। आकाश ने मायावती से अपनी चुप्पी के लिए माफी मांगी और उनके नेतृत्व में पार्टी व मिशन की फिर से सेवा करने का अवसर देने की अपील की।
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मायावती और आकाश आनंद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बहुजन समाज पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने लंबे समय बाद चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि वह कभी दूसरे दल में नहीं जाएंगे। बसपा मेरा परिवार है और मायावती मेरी राजनीतिक गुरु और प्रेरणा हैं। मेरी बुआ मां भी हैं।

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आकाश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने राजनीति में जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा। जो किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूं। पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं। 

मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। आगे भी नहीं जाऊंगा। वहीं अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने पर कहा कि उनके संन्यास का आपका फैसला उचित है और मैं उस फैसले के साथ खड़ा हूं। 

 

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आंदोलन का हित रखना मेरी जिम्मेदारी

रिश्ते अपनी जगह हैं पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी जिम्मेदारी है। उस समय मैंने खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपकी उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। 

मेरी उस चुप्पी को गलत समझा गया, और अफवाहों को जगह मिली।अगर इससे आपको ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूं। मैं सिर्फ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूंगा। बाबा साहेब का मिशन और कांशीराम साहेब का रास्ता और आपका नेतृत्व, यही मेरी राजनीति है।
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मायावती और आकाश आनंद। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

पढ़िए पूरा ट्ववीट

परम आदरणीय बहन जी,

आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ मां भी हैं।

राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूं।

पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की ख़बरें और अफ़वाहें चल रही हैं। मैं साफ़ कर देना चाहता हूं: मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है।

श्री अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फ़ैसला पूरी तरह उचित है, और मैं उस फ़ैसले के साथ खड़ा हूँ। रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी ज़िम्मेदारी है।

उस समय मैंने ख़ुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को ग़लत समझा गया, और अफ़वाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुँची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूँ।

मैं सिर्फ़ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूँगा।

बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, और आपका नेतृत्व। यही मेरी राजनीति है।

जय भीम।  
जय बसपा।
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