मुख्यमंत्री ने युवाओं द्वारा स्मार्ट फोन पर अत्यधिक समय खर्च करने पर चिंता जताई। कहा कि यह समय की बर्बादी है। स्मार्टफोन का उपयोग महत्वपूर्ण संदेशों, समाचार, डिजिटल लाइब्रेरी, एआई, चैटजीपीटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक, ड्रोन-स्पेस टेक्नोलॉजी आदि की जानकारी के बारे में कर सकते हैं और इसे करियर निर्माण से भी जोड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने समय की महत्ता पर बल दिया, कहा कि एक-एक मिनट कीमती है इसलिए जीवन में समय प्रबंधन अवश्य करें। पाठ्यक्रम, परिवार, स्वयं को समय दें। धार्मिक व रूचि के अनुरूप अच्छी पुस्तकें पढ़ें और बुक बैंक बनाएं। विपरीत परिस्थितियों में पुस्तकें संबल देती हैं।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को लखनऊ, अयोध्या व काशी का भ्रमण कराने का निर्देश देते हुए 10 वर्ष में यहां आए बदलावों से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में अब भव्य राम मंदिर, एयरपोर्ट, फोरलेन सड़कें, रेल कनेक्टिविटी आदि बहुत अच्छी हो चुकी हैं। हरिद्वार के हर की पैड़ी की तरह अयोध्या में राम की पैड़ी को विकसित किया गया है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कराया जा चुका है। 10 वर्ष पहले सिर्फ 10 लोग जा सकते थे, कॉरिडोर बनने के बाद अब एक साथ 50 हजार लोग दर्शन करने जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से गांव, शहर, तीर्थ, स्कूल-कॉलेज आदि को स्वच्छ बनाने पर जोर देते हुए इसे समाज की जिम्मेदारी भी बताया।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा-5 की छात्रा मिष्टी रावत ने किया। देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी ने इस टूर का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया, कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से तीसरी बार उत्तर प्रदेश में बच्चों को लेकर आया हूं। इस दौरान दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री जोत सिंह बिष्ट समेत शिक्षक, विद्यार्थी व प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे।