पटाखों की बिक्री और अग्नि सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। पटाखों की दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी से दूर खुले व सुरक्षित स्थानों पर ही स्थापित किए जाएं। इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। अग्निशमन विभाग को पर्याप्त फायर टेंडरों और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ 24 घंटे हाई अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग को मलिन बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सभी क्षेत्रों में नियमित सैनिटाइजेशन और एंटी-लार्वा फॉगिंग कराई जाए तथा कहीं भी जलभराव, कूड़े के ढेर अथवा सड़कों पर गड्ढों की स्थिति न रहे। पर्वों के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोस्टरमुक्त निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। परिवहन विभाग को अतिरिक्त बसों के संचालन के निर्देश देते हुए कहा गया कि अनफिट और डग्गामार वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए तथा निजी बस संचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
जनहित, किसान कल्याण और कर्मचारी हितों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। घटतौली की शिकायत मिलने पर ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए, जो दूसरों के लिए नजीर बने। सेवानिवृत्त पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाए। इसके अलावा, आउटसोर्स कार्मिकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय त्योहार से पूर्व अनिवार्य रूप से उनके खातों में अंतरित किया जाए।
किसानों के हितों की रक्षा पर बल देते हुए जिलाधिकारियों को यूरिया व डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में खाद का कृत्रिम संकट पैदा करने, जमाखोरी करने अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। धान क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी उपज की तौल पूरी पारदर्शिता व संवेदनशीलता के साथ की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचे बिना केंद्र से निराश होकर न लौटे।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवगण, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त तथा जनपदों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।