राजनाथ सिंह संबोधित करते हुए
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ब्रह्मोस एयरोस्पेस की लखनऊ इकाई में निर्मित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि धनतेरस पर चार मिसाइलों की डिलीवरीभारत की रक्षा सफलता के साथ आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन का भी प्रतीक है। उन्होंने ब्रह्मोस को भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक'' बताते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अब उसकी एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि 11 मई 2025 को इस आधुनिक सुविधा का उद्घाटन हुआ था और मात्र पांच महीनों में ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप तैयार होकर डिलीवर हो रही है। यह केवल रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश की विश्वसनीयता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह इकाई करीब 200 एकड़ में फैली हुई है और लगभग 380 करोड़ रुपए की लागत से बनी है। अनुमान है कि यहां से प्रतिवर्ष लगभग 100 मिसाइल सिस्टम थलसेना, वायुसेना और नौसेना को उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में इस इकाई का टर्नओवर 3,000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा, जो 500 करोड़ रुपए का जीएसटी देगा।
रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस की क्षमताओं के बारे में बताया कि यह परंपरागत वॉरहेड, उन्नत गाइडेड सिस्टम और सुपरसोनिक गति के साथ लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है। गति, सटीकता और शक्ति का यह अनूठा संयोजन ब्रह्मोस को विश्व की सर्वश्रेष्ठ मिसाइल प्रणालियों में शुमार करता है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने न केवल अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की, बल्कि यह भी दिखाया कि यह भारत की सुरक्षा का सबसे बड़ा व्यावहारिक प्रमाण है। इस ऑपरेशन ने सिद्ध किया कि जीत अब हमारे लिए कोई घटना नहीं, बल्कि हमारी आदत बन चुकी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। ऑपरेशन सिंदूर इसका ट्रेलर था, जिसने पाकिस्तान को अहसास दिला दिया कि अगर भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है तो समय आने पर वह...इसके आगे मुझे बोलने की जरूरत नहीं...आप सब समझदार हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस की मारक क्षमता से नहीं बच सकते।
राजनाथ सिंह ने स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि बड़ी सुविधा के साथ-साथ स्थानीय और छोटे-स्तरीय उद्योगों को भी विकसित किया जाए। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर तभी ही पूरी तरह सफल होगा। धनतेरस के संयोग पर रक्षा मंत्री ने हास्य का पुट देते हुए कहा कि एक दिलचस्प संयोग यह भी है कि आज हम सब धनतेरस का पर्व मना रहे हैं और इसी शुभ दिन पर चार ब्रह्मोस मिसाइलों की डिलीवरी भी हो रही है। सोचिए, इससे बड़ा धनतेरस देश के लिए और क्या हो सकता है! एक तरह से हम कह सकते हैं कि आज लक्ष्मी जी की कृपा न केवल सुरक्षा क्षेत्र पर, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी समान रूप से बरस रही है। रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस के निर्यात पर कहा कि फिलीपींस के साथ भारत ने ब्रह्मोस एक्सपोर्ट का अनुबंध किया है। आने वाले समय में और भी देश भारत के साथ सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह में ब्रह्मोस टीम ने दो देशों के साथ लगभग 4,000 करोड़ रुपए के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।