नशा करके आए दिन करता था झगड़ा
फूला के परिजनों के मुताबिक, हरिकिशन की शराब की लत बढ़ गई थी। वह पूरे दिन नशे में धुत रहता और घर में झगड़ा करता था। इसकी वजह से दो छोटे बच्चे ननिहाल में रहने लगे। 6 अक्तूबर से फूला अचानक घर से गायब हो गईं। जब दो दिन तक कोई पता नहीं चला तो भाई रामधीरज ने हरिकिशन से पूछा। उसने टालमटोल करते हुए कहा कि वह कहीं चली गई है।
भाभी कमरे में गई तो खुला राज
पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने छह अक्तूबर को ही जरवलरोड थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लगातार 10 दिन तक खोजबीन के बाद भी फूला देवी का कोई पता नहीं चला। शुक्रवार को मायके के लोग हरिकिशन के घर पहुंचे और उससे सख्ती से पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बोला। इस बीच, रामधीरज की भाभी विमला कमरे में गईं तो उन्होंने चारपाई के नीचे मिट्टी का नया लेपन देखा। नजदीक से देखने पर जमीन में हल्की दरारें भी दिखाई दीं। शक गहराने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंचती उससे पहले ही हरिकिशन फरार हो गया।
बिना कपड़ों के दफनाई गई थी लाश
थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की खोदाई करवाई। पहले फूला देवी की टूटी हुई चूड़ियां मिलीं, फिर पायल और अंत में करीब दो फीट नीचे दफन लाश मिली। शव बिना कपड़ों के था। शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान थे। पुलिस को शक है कि महिला की हत्या बेरहमी से पिटाई कर की गई है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि घर को सील करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आरोपी हरिकिशन की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। मृतका के भाई की तहरीर पर आरोपी पति के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।