यूपी के मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, इंजीनियरिंग कॉलेजों से डिप्लोमा कोर्स और स्किल डवलेपमेंट के कोर्स चलाने के लिए कहा गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम आए हैं। इसके बलबूते ही हम कह रहे हैं कि अगले पांच वर्ष में 70 लाख बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा। इसमें सरकार को नेशनल एचआरडी नेटवर्क का भी सहयोग चाहिए।
सीएम मंगलवार को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में पहली रोजगार समिट को संबोधित कर रहे थे। योगी ने कहा, यूपी बिहार का श्रमिक पहले बंगाल भागता था आज देख लीजिए बंगाल की क्या स्थिति है। कानपुर की स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कृषि को अगर टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाए तो इससे अन्न की उत्पादकता बढ़ेगी साथ ही किसान की आय भी तीन गुनी होगी। उन्होंंने कहा कि 2014 में किसानों को जो मुआवजा बांटा गया ता नौकरशाही ने उसे 2017 तक नहीं बांटा।
सीएम ने कहा कि हम काम करना ही नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा, इस बार बाढ़ आई जिससे प्रदेश के 25 जनपद प्रभावित हुए। मैंने पूछा कि मुआवजा कब देंगे तो जवाब मिला बाढ़ के बाद। मैंने कहा, किसान तो अभी भूखा है बाद में देकर क्या करेंगे। इसके बाद मैं खुद गया, राहत पहुंचाई और मंत्रियों को भी भेजा। उन्होंने कहा कि हम काम नहीं करना चाहते बस दोषारोपण करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, किसान के लिए हम नीति क्यों नहीं लाना चाहते। किसान को उसकी फसल का दाम नहीं मिलता। सरकार समर्थन मूल्य 1460 घोषित करती थी किसान को 1000 मिलता था वो भी देर से। जब तक ट्रांसपेरेंसी नहीं आएगी तब तक भ्रष्टाचार नहीं मिटेगा।
उन्होंने कहा, हम यूपी के किसी एक जिले को प्रोडक्ट के नाम पर डेवेलप करें। जैसे भदोही में कालीन उद्योग। योगी ने बताया कि एक दिन वह पेपर पढ़ रहे थे उसमें बयान था कि अवध शिल्प ग्राम के लिए बयान आया था इनको शादी-ब्याह के लिए रखा जाएगा। मुझे बड़ी हैरानी हुई कि हर काम में अगर पैसा कमाना है तो शादी ब्याह आ जाता है। शादी ब्याह केअलावा लोगों को कुछ सूझता ही नहीं है। मैंने प्रिंसिपल सेक्रेट्री को बुलवाया और कहा कि ये कैसा बयान है। शादी ब्याह के लिए बहुत सेंटर पड़े हैं। हम इसमें इनोवेशन सेंटर बनवाएंगे।