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UP: चित्रकूट मंडी घोटाला, आठ करोड़ के गबन में तत्कालीन उप निदेशक और लेखाधिकारी गिरफ्तार

Tue, 14 Jul 2026 07:00 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

चित्रकूट मंडी निर्माण में 8 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन उप निदेशक अशोक कुमार और सहायक लेखाधिकारी सतीश कुमार यादव को गिरफ्तार किया। दोनों पर कार्यदायी संस्था से मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
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आरोपियों को पकड़ा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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चित्रकूट के कर्वी में विशिष्ट मंडी के निर्माण कार्य में 8 करोड़ रुपये का गबन करने के मामले में प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन उप निदेशक (निर्माण) अशोक कुमार और सहायक लेखाधिकारी सतीश कुमार यादव को सोमवार को राजधानी से गिरफ्तार कर लिया। दोनों कई वर्षों से वांछित चल रहे थे। उन पर कार्यदायी संस्था के साथ मिलीभगत कर शासकीय धन का गबन करने का आरोप है।

 

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अधिकारों का दुरुपयोग हुआ

डीजी ईओडब्ल्यू जेएन सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में कर्वी स्थित विशिष्ट मण्डी स्थल के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया से कार्यदायी संस्था का चयन हुआ था। आरोप है कि मंडी परिषद, बांदा में तैनात उपनिदेशक और सहायक लेखाधिकारी ने गाजियाबाद की मेसर्स ग्लेयर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ आपराधिक षड्यंत्र किया और अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग किया। 

 

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लगातार फरार चल रहे थे

निर्माण कार्य का वास्तविक सत्यापन और वित्तीय परीक्षण कराए बगैर नियमों के विपरीत अधिक माप, अनुचित मूल्यांकन कर अनधिकृत भुगतान कराए। इससे शासन को भारी आर्थिक क्षति हुई। इस मामले की एफआईआर वर्ष 2019 में थाना कोतवाली नगर, चित्रकूट में दर्ज हुई थी, जिसके बाद 22 जून 2021 को विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी गई थी।

विवेचना के दौरान दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्यों और तकनीकी परीक्षण से दोनों की भूमिका प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाई गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू हुई। दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहे थे। ईओडब्ल्यू की टीम ने कई प्रयासों के बाद उन्हें सोमवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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