भाजपा के सांसद-विधायक भी अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें
प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए संजय सिंह ने याद दिलाया कि प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल ने गंगा की निर्मलता के लिए 100 दिनों से ज्यादा अनशन किया था, लेकिन मोदी जी का दिल नहीं पसीजा। उनकी मृत्यु के बाद प्रधानमंत्री ने केवल औपचारिकता का ट्वीट किया। उन्होंने भाजपा के सांसदों और विधायकों से सवाल किया कि क्या उनके बच्चों के पेपर लीक नहीं होते? उन्हें भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोनम वांगचुक की बात सुनने और अपनी ही सरकार पर दबाव बनाने की जरूरत है।
संवेदनहीनता और ट्रोलिंग की राजनीति के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष
संजय सिंह ने बताया कि सोनम वांगचुक के संघर्ष को विपक्षी दलों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी, जॉन ब्रिटास (CPIM), दीपांकर भट्टाचार्य (CPIML), पुष्पेंद्र सरोज (सपा), उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता समर्थन देने जाते हैं, तो भाजपा के ट्रोल उनका मजाक उड़ाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशील मुद्दों पर आवाज उठाना नेताओं की जिम्मेदारी है और वे गालियों व आलोचनाओं से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
20 जुलाई को उत्तर प्रदेश के हर जिले में होगा महासंग्राम
संजय सिंह ने प्रदेश की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि मैंने तय किया है कि 20 जुलाई को आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई हर जिले में सोनम वांगचुक के समर्थन में विशाल आंदोलन करेगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह इस अपराध बोध के साथ नहीं जीना चाहते कि जब एक व्यक्ति देश के भविष्य के लिए जान की बाजी लगा रहा था, तब हम खामोश थे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अस्पताल में भर्ती अनशनकारी बिटिया दानिश और जंतर-मंतर पर बैठे 25 अन्य अनशनकारियों के हक में अपनी आवाज उठाएं।