सिद्धार्थनगर के ककरहवा बॉर्डर पर सक्रिय असगर ने बताया कि चीन में इस समय 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 84 हजार रुपये है। भारत की बात करें तो 24 कैरेट सोना 98594 रुपये है। 10 ग्राम चीन का सोना नेपाल के रास्ते भारत लाने पर औसत बचत 14,448 रुपये की हो रही है। इसे किलो में तब्दील करें तो यह अंतर बढ़कर 14.48 लाख रुपये हो जाता है। प्रति किलो एक लाख खर्च निकाल दें तो करीब 13.50 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। यही कारण है कि चीन का सोना नेपाल होते हुए भारत के लुधियाना, गोवा और चंडीगढ़ तक पहुंच रहा है।
और यह भी: नेपाल गोल्ड एंड सिल्वर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनुसार वजन के खेल में भी तस्कर चांदी काट रहे हैं। भारत में एक तोला सोना का वजन 10 ग्राम है तो नेपाल में यह 11.664 ग्राम। इस 1.664 ग्राम का लाभ भी तस्कर उठाते हैं।
यह तो बस उदाहरण है
डीआरआई ने 10 मई 2025 को मुंबई निवासी हितेश, राजेश कुमार और विजय कुमार के पास से 18 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया। तीनों बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन से ट्रॉली बैग में कपड़ों के अंदर सोना छिपाकर ले जा रहे थे। यह सोना हांगकांग से नेपाल पहुंचा और फिर वहां से नेपाल होते हुए बिहार लाया गया। मुंबई में इसे सोने को पिघलाकर राजस्थान के कोटा में आभूषण तैयार किया जाना था। इसके बाद उसे पंजाब, हिमाचल व लखनऊ के अलग-अलग व्यापारियों को बेचना था।
आंकड़ों का हाल
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अनुसार भारत में वित्तीय वर्ष 2024 में 4,869.6 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त किया गया। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार नेपाल से हर साल करीब 10 टन सोने की तस्करी भारत में की जाती है। तस्करी के सोने की शुद्धता 99.9 फीसदी होती है। इसकी बाजार में शुद्धता उच्चतम स्तर पर मानी जाती है।
सभी एजेंसीज के साथ समन्वय स्थापित कर पुलिस द्वारा पूरी सतर्कता बरती जा रही है। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। जैसा इनपुट अथवा सूचना मिलेगी उसी के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।-अमित पाठक, आईजी देवीपाटन