प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 मार्च को राज्यों के मुख्य सचिवों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मेट्रो को पीआईबी क्लीयरेंस का मुद्दा राज्य की ओर से उठाया जाएगा। बारिश-ओले से नुकसान समेत आगरा में नया एयरपोर्ट का मुद्दा भी राज्य की ओर से उठाया जा सकता है।
प्रदेश सरकार केंद्र को यह तोहमत लगाने का मौका देने के कतई मूड में नहीं है कि उसने विकास के नाम पर सहयोग नहीं किया। मुख्य सचिव आलोक रंजन के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर होने वाले संवाद को लेकर पुख्ता तैयारी में जुटे हैं।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक केंद्र ने इस संवाद के लिए राज्य स्तर पर केंद्र की विभिन्न परियोजनाओं व योजनाओं को लेकर लंबित कार्यवाहियों का ब्यौरा भेजा है। साथ ही प्रदेश से केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित मुद्दों का ब्यौरा मांगा है।
राज्य सरकार ने भी प्राथमिकता के आधार पर अपनी लंबित योजनाओं व परियोजनाओं की डिटेल भेज दी है। सरकार पुख्ता तौर पर प्रधानमंत्री को यह बताने की योजना बना रही है कि वह राज्य स्तर पर केंद्र के लंबित किस प्रोजेक्ट व किस योजना को कितने दिन में किस हद तक पूरा कर देगी।
इसको लेकर संबंधित कार्यों की जमीनी स्थिति व अन्य बातों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रणनीतिकारों को उम्मीद है कि इससे राज्य से जुड़ी परियोजनाओं पर सीधे प्रधानमंत्री का आश्वासन मिलेगा और प्रदेश की बड़ी परियोजनाओं को रफ्तार मिल सकेगी।