मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच सख्ती से की जाए और सड़कों पर होने वाले धार्मिक आयोजनों को रोका जाए। मुख्य सचिव सोमवार को प्रदेश भर के पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि सड़कों पर धार्मिक आयोजन न हो, इसके लिये धर्मगुरुओं से नियमित संवाद करते रहें। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से ई चालान की धनराशि वसूलने के लिये 10 ई कोर्ट स्थापित किए गए हैं, उसका इस्तेमाल किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यातायात को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 10 हजार होमगार्ड्स यातायात विभाग को उपलब्ध कराए गए हैं। इन्हें ट्रेनिंग देकर इनका उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में दलालों का दखल बंद हो। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वह भ्रमण के समय ट्रामा सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण जरूर करें और उसके सुचारु संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि अवैध अतिक्रमण में हटाए गए वेंडरों को स्थान चिन्हित कर पुनर्स्थापित किया जाए ताकि किसी की भी रोजी-रोटी प्रभावित न हो सके।
मुख्य सचिव ने कानपुर और प्रयागराज केपुलिस अफसरों की प्रशंसा
मुख्य सचिव ने हाल की घटनाओं में शांति व्यवस्था बनाए रखने में कानपुर एवं प्रयागराज में हुई सख्त कार्रवाई की प्रशंसा की। उन्होंने गड़बड़ी फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखते हुये छोटी से छोटी घटना में त्वरित कार्रवाई की जाए।
सख्ती के साथ मित्रवत रवैया अपनाएं अफसर
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि लोगों को समझाया जाए कि प्रदेश के बाहर की घटनाओं को लेकर प्रदेश की शांति व्यवस्था का माहौल खराब करना सही नहीं है। इससे लोगों का रोजी-रोजगार भी प्रभावित होती है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती के साथ-साथ मित्रवत संवाद भी स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटी से छोटी घटना पर तत्काल कार्रवाई करें।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में मौजूद अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर ब्लैक स्पाट चिन्हित कर उनको ठीक कराने की कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना में वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर मामले को वहीं पर शांत कराने का प्रयास करें।