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यूपी: सिर्फ सस्ती जमीन से नहीं आएंगे जीसीसी, टैलेंट और इकोसिस्टम बड़ी चुनौती; नोएडा के बाद लखनऊ पर दांव

Sat, 19 Sep 2026 10:06 AM IST
Akash Dwivedi अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में 36 सड़क परियोजनाओं के लिए 3095 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति मिली है। लोक निर्माण विभाग जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। परियोजनाएं कई जिलों में होंगी। इसके अलावा पशु अस्पताल, मॉडल कंपोजिट विद्यालय, ग्राम्य विकास संस्थान और बीडा से जुड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
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नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कैबिनेट मंत्री। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के लिए उत्तर प्रदेश ने बड़ा प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है, लेकिन कंपनियों को आकर्षित करने की चुनौती सिर्फ सस्ती जमीन तक सीमित नहीं है। प्रदेश को यह साबित करना होगा कि यहां इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उत्पाद विकास और शोध के लिए उच्चस्तरीय प्रतिभा और मजबूत इकोसिस्टम उपलब्ध है। औद्योगिक विकास विभाग की समीक्षा के मुताबिक इस क्षेत्र में यूपी का मुकाबला बंगलूरू और हैदराबाद से है। नोएडा के बाद अब लखनऊ पर दांव लगाया गया है।

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भारत में फरवरी 2025 तक 2100 से अधिक जीसीसी थे और यह बाजार 64.6 अरब डॉलर का था। इस क्षेत्र से 19 लाख से ज्यादा पेशेवर जुड़े थे। विभाग के अध्ययन के अनुसार पिछले तीन-चार वर्षों में नए जीसीसी स्थापित करने में बंगलूरू और हैदराबाद ने बड़ी हिस्सेदारी हासिल की। इसके पीछे प्रतिभा आधार, विकसित इकोसिस्टम और नीतिगत समर्थन प्रमुख कारण बताए गए हैं।

यूपी के पास नोएडा के रूप में मजबूत आधार है। एनसीआर की 490 से अधिक कंपनियों में 150 से ज्यादा नोएडा क्षेत्र में हैं। विभाग ने 169 जीसीसी मैप किए हैं। इनमें अमेजन, ऑप्टम, ओरेकल, माइक्रोसॉफ्ट और बार्कलेज जैसी कंपनियां एंकर कंपनियों के तौर पर चिह्नित हैं। इसके बावजूद विभाग ने देश के टॉप-150 जीसीसी को यूपी लाने का अलग लक्ष्य रखा है। इन कंपनियों में 11.68 लाख कर्मचारी हैं।

 

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जमीन और प्रतिभा दोनों मोर्चे अहम

जीसीसी निवेश के लिए जमीन उपलब्ध कराना और उसे समय पर परियोजना के अनुकूल तैयार करना बड़ी चुनौती है। विभाग के अनुमान के मुताबिक लंबे समय में करीब चार करोड़ वर्ग फुट जगह की जरूरत होगी। फिलहाल नोएडा में करीब 26.9 लाख और लखनऊ में 7.4 लाख वर्ग फुट उपलब्ध जगह मैप की गई है। प्रतिभा जुटाना भी अहम है। इसके लिए नौकरी पोर्टल, मानव संसाधन कंपनियों और 25 विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू के जरिये भर्ती क्षमता दिखाने की रणनीति बनाई गई है।

 

 
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100 फीसदी प्रतिपूर्ति का प्रावधान

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि यूपी जीसीसी नीति में क्षेत्र के हिसाब से 50 फीसदी तक भूमि सब्सिडी, 100 फीसदी स्टांप शुल्क छूट/प्रतिपूर्ति, पात्र निवेश पर 25 फीसदी तक पूंजीगत सब्सिडी और परिचालन खर्च पर 20 फीसदी तक सब्सिडी है। वेतन, इंटर्नशिप, ईपीएफ व कौशल प्रशिक्षण पर सहायता के साथ ही उत्कृष्टता केंद्र के लिए 50 फीसदी तक आरएंडडी सहायता और पेटेंट शुल्क की 100 फीसदी प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी है। 
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