उपधारा पांच में मौजूदा व्यवस्था के अनुसार परीक्षा नियंत्रक किसी विषय के किसी भी एक प्रश्नपत्र को मुहरबंद लिफाफे को बिना खोले चुनेगा और उसे छापने के लिए भेजेगा। इसे छापने वाला ही इसका प्रूफ भी पढ़ाएगा। परीक्षा नियंत्रक की ओर से दी गई सूचना के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर मुहरबंद पैकेट में भेजेगा। परीक्षा नियंत्रक अब दो लिफाफों को बिना खोले चुनेगा और उसे छपाई के लिए भेजेगा। परीक्षा नियंत्रण की ओर से दी गई सूचना के अनुसार अलग-अलग रंगों में गोपनीय कोड के साथ इसे भेजा जाएगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए मुद्रक ही जिम्मेदार होगा।
पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने से छूटे कर्मचारियों को एक और अवसर दिया गया है। नेशनल पेंशन स्कीम से आच्छादित राज्य सरकार के ऐसे कर्मचारी जिनका चयन प्रदेश में राष्ट्रीय पेंशन लागू करने की अधिसूचना जारी होने से पहले हो गया था, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। यानी 28 मार्च 2005 से पहले के सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा। हालांकि, ज्यादातर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले लिया है लेकिन जो कर्मचारी किसी वजह से इससे छूट गए हैं उन्हें 30 नवंबर तक एक और मौका दिया गया है। ऐसे कर्मचारियों की संख्या 2000 से भी कम है। कैबिनेट ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के संबंध में निर्धारित कट ऑफ डेट को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है। बता दें, राष्ट्रीय पेंशन योजना वर्ष 2004 में बनी थी। भारत सरकार की इस नीति को राज्य में हूबहू लागू कर दिया गया था। इसके तहत 31 मार्च 2004 से पहले की तारीख तय की गई थी। चूंकि इसका नोटिफिकेशन 28 मार्च 2005 को आया था इसलिए राज्य में इसे एक अप्रैल 2005 से लागू किया गया था।