लखनऊ में सीबीआई रेड। डेमो पिक।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार और बुधवार को दो दिन बाराबंकी में कार्रवाई कर दागी नर्सिंग होम्स को बचाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पूरा खेल केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) के अफसरों की सांठगांठ से चल रहा था।
सीबीआई ने मंगलवार को तीन सीबीएन निरीक्षकों और देवा नर्सिंग होम संचालक के बाद बुधवार को दो बिचौलियों बाराबंकी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल और एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष सुनील जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया।
एसोसिएशन के दोनों पदाधिकारी सीबीएन निरीक्षकों से मिलीभगत कर दवा कारोबारियों, नर्सिंग होम संचालकों को नारकोटिक्स के मामलों से बचाते थे। जांच में सामने आया कि दोनों पदाधिकारी नारकोटिक्स से जुड़े मामलों में समन पाने वालों से संपर्क कर मामला रफा-दफा कराते थे। सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सीबीआई जल्द तीनों निरीक्षकों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
बता दें कि सीबीआई ने मंगलवार को महानगर स्थित सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स के कार्यालय पर छापा मारकर निरीक्षक महिपाल सिंह, रवि रंजन और उन्हें घूस देने वाले जानकीपुरम स्थित देवा नर्सिंग होम के संचालक गयासुद्दीन अहमद को गिरफ्तार किया था। देर रात एक अन्य निरीक्षक आदर्श योगी के साथ बिचौलिये सुनील जायसवाल व संतोष जायसवाल को भी गिरफ्तार किया गया।
निरीक्षक महिपाल बर्खास्त, रवि और आदर्श निलंबित
घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार नारकोटिक्स निरीक्षक महिपाल सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, रवि रंजन और आदर्श योगी निलंबित किए गए हैं। सीबीएन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक महिपाल दो साल पहले पद पर तैनात हुआ था। प्रोबेशन अवधि में होने के कारण उसे बर्खास्त किया गया है।