प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने फॉर्म-7 के आवेदनों पर कड़ाई से नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जानबूझकर झूठी घोषणा करने पर एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना हो सकता है। दोषी व्यक्ति को दोनों से भी दंडित किया जा सकता है। फॉर्म-7 में आवेदक से निर्धारित घोषणा प्राप्त की जाती है। जांच में आपत्ति मिथ्या पाए जाने पर आवेदक के विरुद्ध कार्रवाई होगी। केंद्रीय चुनाव आयोग ने 9 अक्तूबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के अनुसार फॉर्म-7 से प्राप्त आपत्तियों की जांच नियमानुसार होनी चाहिए। उन्होंने व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य आमजन को मिथ्या घोषणा के कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक करना है।