मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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पूर्वांचल व बुंदेलखंड में स्थायी पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत, मध्यांचल व पश्चिमांचल क्षेत्र में 90 और गौतम बुद्धनगर व गाजियाबाद में स्थायी पूंजी निवेश का 80 प्रतिशत अधिकतम प्रोत्साहन लाभ मिलेगा। इस नीति से जुड़े लाभ विस्तारीकरण व विविधीकरण प्रोजेक्ट पर भी मिलेंगे।
यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार
मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि इस नीति से पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी डिफेंस कॉरिडोर के लिए निवेशक आकर्षित होंगे। यह कॉरिडोर अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर व लखनऊ से होकर गुजरेगा। इसका मुख्य फोकस बुंदेलखंड क्षेत्र में होगा। वहां सस्ती जमीन के बड़े-बड़े पार्सल उपलब्ध होंगे। यहां 3000 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू हो गई है। नोडल एजेंसी यूपीडा भूमि अधिग्रहण का काम सितंबर तक पूरा कर लेगा। अक्तूबर से कॉरिडोर के विकास काम शुरू हो जाएगा।
डिफेंस कॉरिडोर में मेगा इकाइयां स्थापित करने पर भारी छूट
प्रदेश में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर में निर्माण इकाइयां स्थापित करने वालों को भारी रियायत दी जाएगी। जमीन खरीदने पर चालू सर्किल रेट अथवा खरीद मूल्य में से जो भी कम हो, की लागत के 25 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह छूट प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में जमीन खरीदने पर मिलेगी।
सिंगल विंडो से क्लीयरेंस व भुगतान की सुविधा
मुख्य सचिव ने बताया कि निवेशकों को सभी तरह के आवेदन, स्वीकृतियां, प्रतिपूर्ति और छूट सिंगल विंडो के अंतर्गत मिलेंगे। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत समस्त प्रतिपूर्ति, इन्सेंटिव व छूट से जुड़े भुगतान एक स्वीकृति-पत्र के जरिये मिलेंगे। स्वीकृतियों के लिए टाइमलाइन तय है और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के साथ औद्योगिक सुरक्षा भी उपलब्ध होगी।
प्रदेश कैबिनेट ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए बैंकों से 12 हजार करोड़ रुपये ऋण प्राप्त करने के प्रस्ताव व शर्तों को मंजूरी दे दी है। इससे विकासकर्ता का चयन होने के बाद एक्सप्रेस-वे के निर्माण का काम तेजी से शुरू हो सकेगा।
यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का ऋण बैंकों से लिया जा रहा है। 7,800 करोड़ रुपये बैंकों से स्वीकृत भी हो गए हैं। बाकी रकम की स्वीकृति की कार्यवाही चल रही है। बैंक से ऋण के लिए राज्य सरकार शासकीय गारंटी देगी। यानी यूपीडा द्वारा ब्याज, मूलधन न चुका पाने की स्थिति में राज्य सरकार उस राशि को चुकाएगी। इसके लिए सहमति पत्र लेटर ऑफ कंफर्ट को मंजूरी दे दी गई है।
अवस्थी ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर टोल की रकम से यूपीडा द्वारा ऋण की अदायगी की स्थिति में आने तक सरकार तीन वर्ष के लिए त्रैमासिक आधार पर ब्याज राशि अदा करेगी। ब्याज दर 8.30 प्रतिशत है। यह आरबीआई व बैंक के नियमों और मार्केट के उतार-चढ़ाव से परिवर्तित होता रहेगा।
उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए तीन वर्ष में ऋण प्राप्त करने की टाइमलाइन तय की जाएगी। इससे राज्य सरकार के बजट पर 1200 करोड़ रुपये का भार कम हो सकेगा और इसका उपयोग अन्य कार्यों में होगा। बैंक का ऋण 15 वर्ष के लिए होगा, लेकिन उसका भुगतान 12 वर्षों में 48 किस्तों में कर दिया जाएगा।
प्रदेश कैबिनेट ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत चयनित स्थानों पर एयरपोर्ट के विकास में उच्च विशिष्टियों के प्रयोग की मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत अलीगढ़, आजमगढ़, श्रावस्ती और मुरादाबाद में एयरपोर्ट का विकास हो रहा है।
राजकीय निर्माण निगम ने अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एयरपोर्ट के लिए कई विशिष्टियों के प्रयोग का प्रावधान किया है। इसमें एल्युमीनियम कंपोजिट पैनल, फ्रेस लैस टफेंड ग्लास, सेंसर डोर, स्ट्रक्चरल ग्लेजिंग, ग्रेनाइट फ्लोरिंग, फाल्स सीलिंग, फाइबर ग्लास री-इन्फोर्स्ड प्लास्टिक डोर फ्रेम व शटर, वुड ब्लॉक फ्लोरिंग, एल्युमीनियम एक्सट्रूडेड ट्यूबलर आदि का उपयोग होगा। इस पर आने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति केंद्र ने नहीं की तो प्रदेश सरकार अपने स्तर पर करेगी।
नागरिक उड्डयन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में विभिन्न परियोजनाओं के लिए एकमुश्त बजट व्यवस्था से जुड़े खर्चों की जानकारी कैबिनेट के सामने रखी। विभाग ने एकमुश्त बजट व्यवस्था के अंतर्गत 283 करोड़ आठ लाख 27 हजार 760 रुपये की स्वीकृतियां जारी की।
ई-पेमेंट से लाभार्थी के खाते में आएगी सीएम आवास योजना की राशि
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की राशि अब ई-पेमेंट से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा होगी। इस संबंध में कैबिनेट ने सीएम आवास योजना ग्रामीण के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में इस वर्ष 24 हजार परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। वित्त विभाग ने सरकार को सुझाव दिया था कि विभाग की ओर से संबंधित कोषागार को बजट आवंटित किया जाए। जिले के आहरण वितरण अधिकारी कोषागार से ई-पेमेंट के जरिए आवास की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कराएं।
योजना के लिए सरकार की ओर से स्वीकृत राशि ग्राम्य विकास आयुक्त के खाते में रहेगी। ग्राम्य विकास आयुक्त जिलों की मांग पर आवश्यकता के अनुसार राशि जिलों को आवंटित करेंगे। जिलों में आहरण वितरण अधिकारी कोषागार से ई-पेमेंट के जरिए राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जमा कराएंगे।
राज्य सरकार ने खनिज विकास निगम का भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में विलय कर दिया है। कैबिनेट ने मंगलवार को निगम के ऋण का समायोजन और परिसंपत्तियों का हस्तांतरण भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय या उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी।
निगम ने कर्मचारियों को देय राशि के लिए शासन से लिए गए 18,23,88,000 रुपये ऋण और उसके ब्याज 7,86,15,000 रुपये का भुगतान कर दिया है। वर्तमान में निगम पर 33,10,17,295 रुपये का कर्ज बकाया है। निगम के विधिक समापन से पहले लखनऊ, ललितपुर और सोनभद्र स्थित उसकी संपत्तियों का पीडब्ल्यूडी से मूल्यांकन कराया जाएगा।
इसके बाद संपत्तियों को भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग और न्याय विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। निगम की अनुपयोगी संपत्तियों की कीमत 13,46,35,400 रुपये है, इन्हें ऋण के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।