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यूपी कैबिनेट का फैसला : अब उप आबकारी आयुक्त कर सकेंगे डिस्टिलरियों से जुड़े प्रकरण का निस्तारण

Fri, 09 Oct 2020 11:01 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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शराब (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में स्थित डिस्टिलरियों में परिवर्तन एवं विस्तार से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण अब आबकारी आयुक्त के स्थान पर संबंधित क्षेत्र के उप आबकारी अधिकारी कर सकेंगे। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के मद्देनजर यह बदलाव किया गया है। इसके लिए उप्र आबकारी (आसवनी की स्थापना, 15वां संशोधन) नियमावली 2020 को जारी करने से संबंधित प्रस्ताव को शुक्रवार कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई। इसके जरिये आबकारी नीति 2020-21 में संशोधन किया गया है। अभी तक डिस्टिरिलयों में परिवर्तन एवं विस्तार आदि से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण का अधिकार आबकारी आयुक्त के पास था और यह शासन स्तर से होता था।
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इसके अलावा शराब के उत्पादन के लिए नई डिस्टिलरी की स्थापना तथा औद्योगिक अल्कोहल उत्पादन करने वाली डिस्टिलरियों को शराब बनाने की क्षमता में वृद्घि की अनुमति अब प्रमुख सचिव आबकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा दी जाएगी। अभी तक यह अधिकार अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी के पास था। यह फैसला भी किया गया है कि ऐसे लाइसेंसी जिन्हें नई डिस्टिलरी की स्थापना के लिए लाइसेंस दिया गया है वे बोतल भराई नियमावली के प्रावधानों के तहत शराब के निर्माण के लिए अन्य डिस्टिलरियों से एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल खरीदने के साथ-साथ भंडारण व इस्तेमाल कर सकते हैं। नई डिस्टिलरी की स्थापना के लाइसेंस की वैधता एक साल बढ़ाने के लिए अतिरिक्त लाइसेंस फीस लगाने व डिस्टिलरियों में कम रिकवरी के मामलों में दंड के विकल्प का प्रावधान किए जाने का फैसला भी किया गया है।
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