सरकार ने प्रदेश में धान की खरीद के लिए खाद्य विभाग को 3000 करोड़ रुपये के कैश क्रेडिट लिमिट को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस जरूरत को राष्ट्रीयकृत बैंक की मदद से पूरा करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। प्रदेश में धान खरीद एक अक्तूबर से शुरू होनी है।
तय हुआ है राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम यह ऋण लेकर खाद्य एवं रसद विभाग की विपणन शाखा को जरूरत के मुताबिक उपलब्ध कराएगा। अब तक धान खरीद के लिए सरकार की ओर से बजट की व्यवस्था की जाती थी। लेकिन कोरोना संक्रमण से खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में बजट से धन उपलब्ध कराने पर वित्त विभाग ने समस्या जताई थी। ऐसे में धान खरीद के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर राष्ट्रीयकृत बैंक से ऋण लेनेे का फैसला किया गया है। यह भी तय हुआ कि आवश्यक वस्तु निगम को ऋण की अदायगी होने तक ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी। इस ऋण की राज्य सरकार शासकीय गारंटी भी देगी।
जुलाई में ही आरबीआई को भेजा गया था पत्र
सरकार ने आरबीआई को 30 जुलाई को पत्र भेजकर खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीद के लिए कैश क्रेडिट लिमिट से 4550.00 करोड़ की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। आरबीआई ने इस सिलसिले में सरकार को नियम व शर्तें भेज दी हैं, लेकिन आरबीआई से कैश क्रेडिट लिमिट मंजूर होने में समय लगने की आशंका है। दूसरी तरफ एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू हो रही है। इसके लिए किसानों को समय से भुगतान देने व क्रय संस्थाओं को खरीद के लिए धन तत्काल देना जरूरी है। इसीलिए राष्ट्रीयकृत बैंक से तीन हजार करोड़ की कैश क्रेडिट लेने का निर्णय हुआ है।