प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति छात्राओं का रुझान बढ़ाने व उनकी पढ़ाई की राह आसान करने के लिए प्रदेश सरकार स्नातक की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देगी। कैबिनेट ने मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की नियमावली को हरी झंडी दे दी है। इस पर इस वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक स्कूटी स्नातक उत्तीर्ण वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मेरिट के आधार पर दी जाएगी। इन छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम हो। उत्तर प्रदेश की मूल निवासी उन छात्राओं को स्कूटी मिलेगी, जिन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों तथा राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी दी जाएगी। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल से की जाएगी। स्कूटी के साथ ही पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्का हेलमेट, 5 लीटर पेट्रोल तथा सभी आवश्यक एक्सेसरीज भी शामिल होंगी, ताकि छात्राओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना का उद्देश्य छात्राओं की ड्रॉपआउट दर को कम करना, उच्च शिक्षा में उनकी उपस्थिति बढ़ाना, उच्च शिक्षण संस्थानों तक उनका आवागमन सुविधाजनक करना और सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि करना है। स्कूटी मिलने से विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं की कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
शहीद परिवार, दिव्यांग, निराश्रित के लिए विशेष प्रावधान
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस योजना में दिव्यांग, निराश्रित (जिनके माता-पिता नहीं हैं) और शहीद परिवार की बेटियों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। उन्हें मेरिट में छूट दी जाएगी। उनके लिए केवल स्नातक उत्तीर्ण होना ही अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इच्छुक कंपनियों को मॉडल प्रदर्शन के लिए बुलाया जाएगा।
राज्यपाल की नाराजगी के बाद संशोधित हुए नियम
उच्च शिक्षा विभाग ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की नाराजगी के बाद नियमों में संशोधन किया है। राज्यपाल ने अलीगढ़ में दीक्षांत समारोह के दौरान उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्कूटी देने के लिए 90 से 80 फीसदी अंक पाने के नियम पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि शहरी क्षेत्र में तो छात्राएं इतने अंक पा सकेंगी लेकिन क्या ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं इसमें शामिल हो पाएंगी। विभाग को अपने नियम की समीक्षा करनी चाहिए। ताकि जरूरतमंद छात्राओं को इसका लाभ मिले। इसके बाद विभाग ने नियमों में संशोधन करते हुए स्नातक की टॉप पांच फीसदी छात्राओं को स्कूटी देने का निर्णय लिया है। वहीं आय सीमा 12 लाख ही रखी है।