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यूपी कैबिनेट का फैसला: रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 250 ई-बसें, इन छात्राओं को फ्री में मिलेगी स्कूटी

Tue, 21 Jul 2026 07:59 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

E-buses in UP: यूपी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में जनता से जुड़े कई प्रस्ताव पास हुए। इसमें रोडवेज बसों के बेड़े में 250 ई-बसें शामिल करना का फैसला भी शामिल है। 
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योगी कैबिनेट के फैसले। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 कैबिनेट में उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के बस बेड़े को बढ़ाने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस निर्णय के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 400 करोड़ रुपये के प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 25.50 करोड़ रुपये का खर्च यूपीएसआरटीसी वहन करेगा। इसी के साथ 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का रास्ता साफ हो गया है।

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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस फैसले के मुताबिक रोडवेज बेड़े में 100 इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर, 3×2 टाइप-II, 50 सीटर) व 150 इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर, 2×2 टाइप-III, 41 सीटर) शामिल की जाएंगी। इन बसों के संचालन से प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और यात्री सुविधाओं के अनुरूप बनाया जाएगा। नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर कुल 425.50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। इसमें 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष 25.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से करेगा।

 बसों की खरीद में उत्तर प्रदेश के मैन्युफैक्चरर्स को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, 1 नवंबर 2026 से सीएक्यूएम के निर्देशों के मुताबिक दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 श्रेणी के वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से उप्र रोडवेज इन मानकों का समयबद्ध अनुपालन करेगा और एनसीआर क्षेत्र में बस संचालन निर्बाध रहेगा। यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लागू होने वाले पर्यावरणीय मानकों को देखते हुए भी महत्वपूर्ण है।
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सुविधाओं के साथ प्रदूषण में कमी लाने का लक्ष्य
योगी सरकार इन इलेक्ट्रिक बसों के जरिए प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन व शहरी क्षेत्रों में यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इससे डीजल आधारित बसों पर निर्भरता कम होगी, वायु प्रदूषण में कमी आएगी व पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नई बसों के संचालन से परिवहन निगम के बेड़े का विस्तार होगा, जिससे चालकों, परिचालकों व तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कुशल-अकुशल कर्मियों के लिए नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा बस संचालन से जुड़े ढाबों, रेस्टोरेंट, अन्य यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे अप्रत्यक्ष रोजगार में वृद्धि होगी।

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स्नातक उत्तीर्ण 50 हजार छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

 प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति छात्राओं का रुझान बढ़ाने व उनकी पढ़ाई की राह आसान करने के लिए प्रदेश सरकार स्नातक की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देगी। कैबिनेट ने मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की नियमावली को हरी झंडी दे दी है। इस पर इस वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक स्कूटी स्नातक उत्तीर्ण वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मेरिट के आधार पर दी जाएगी। इन छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम हो। उत्तर प्रदेश की मूल निवासी उन छात्राओं को स्कूटी मिलेगी, जिन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों तथा राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी दी जाएगी। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल से की जाएगी। स्कूटी के साथ ही पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्का हेलमेट, 5 लीटर पेट्रोल तथा सभी आवश्यक एक्सेसरीज भी शामिल होंगी, ताकि छात्राओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना का उद्देश्य छात्राओं की ड्रॉपआउट दर को कम करना, उच्च शिक्षा में उनकी उपस्थिति बढ़ाना, उच्च शिक्षण संस्थानों तक उनका आवागमन सुविधाजनक करना और सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि करना है। स्कूटी मिलने से विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं की कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

शहीद परिवार, दिव्यांग, निराश्रित के लिए विशेष प्रावधान
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस योजना में दिव्यांग, निराश्रित (जिनके माता-पिता नहीं हैं) और शहीद परिवार की बेटियों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। उन्हें मेरिट में छूट दी जाएगी। उनके लिए केवल स्नातक उत्तीर्ण होना ही अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इच्छुक कंपनियों को मॉडल प्रदर्शन के लिए बुलाया जाएगा।

राज्यपाल की नाराजगी के बाद संशोधित हुए नियम
उच्च शिक्षा विभाग ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की नाराजगी के बाद नियमों में संशोधन किया है। राज्यपाल ने अलीगढ़ में दीक्षांत समारोह के दौरान उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्कूटी देने के लिए 90 से 80 फीसदी अंक पाने के नियम पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि शहरी क्षेत्र में तो छात्राएं इतने अंक पा सकेंगी लेकिन क्या ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं इसमें शामिल हो पाएंगी। विभाग को अपने नियम की समीक्षा करनी चाहिए। ताकि जरूरतमंद छात्राओं को इसका लाभ मिले। इसके बाद विभाग ने नियमों में संशोधन करते हुए स्नातक की टॉप पांच फीसदी छात्राओं को स्कूटी देने का निर्णय लिया है। वहीं आय सीमा 12 लाख ही रखी है।





 
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