प्रदेश में कोविड और पोस्ट कोविड मरीजों में फैल रहे ब्लैक फंगस (म्युकर माइकोसिस) का इलाज सभी जिलों में मिलेगा। एसजीपीजीआई के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम जरूरत के हिसाब से जिले की टीम को परामर्श देती रहेगी। इस संबंध में एसजीपीजीआई के 12 डॉक्टरों की टीम भी गठित कर दी गई है। शनिवार को इस टीम ने चिकित्सकों को वर्चुअल प्रशिक्षण भी दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले निर्देश दिया था कि ब्लैक फंगस के नियंत्रण और उसके उपचार की पुख्ता व्यवस्था की जाए। ऐसी स्थिति में राज्य स्तरीय सलाहकार समिति को पुख्ता रणनीति अपनाने का निर्देश दिया था। ऐसे में तय किया गया कि सभी मरीजों को राजधानी रेफर किए जाने के बजाय संबंधित जिलों में ही उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
क्योंकि सभी जिलों में नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन मौजूद हैं। सिर्फ गंभीर मरीजों को ही राजधानी रेफर किया जाए। जरूरत के मुताबिक एसजीपीजीआई की टीम संबंधित जिले के चिकित्सकों की टीम को सलाह देती रहेगी।
शनिवार को पीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमन की अध्यक्षता में विशेष टीम ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों के डॉक्टरों को इलाज के बारे में प्रशिक्षण दिया। ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला में डॉक्टरों को ब्लैक फंगस के रोगियों की पहचान, इलाज, सावधानियों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इंतजाम में देरी नहीं : मुख्यमंत्री
शनिवार को टीम-9 की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ब्लैक फंगस की स्थिति की जानकारी लेते हुए इस मामले में प्रो-एक्टिव रहने के निर्देश दिए है। सीएम ने स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार इसके उपचार में उपयोगी दवाओं की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा है कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक गाइडलाइन जारी कर दी जाएं।